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पश्चिम बंगाल: संदेशखाली में एक टीवी चैनल के रिपोर्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया, भाजपा बरसी

New Delhi/Kolkata : सुप्रीम कोर्ट  द्वारा पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले में दायर याचिका सोमवार को खारिज कर दिये जाने के कुछ ही घंटे के अंदर खबर आयी है कि  एक टीवी चैनल के पत्रकार को बंगाल पुलिस ने संदेशखाली में गिरफ्तार कर लिया.  पत्रकार ग्राउंड पर संदेशखाली घटना की रिपोर्टिंग कर रहा था.  एक वीडियों में रिपोर्टर कह रहा है कि मुझे पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है.                        ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर अमानवीय और सीधा हमला है

बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुकांत मजूमदार ने ममता सरकार पर बरसते हुए कहा कि  बंगाल पुलिस ने स्थानीय लोगों पर हो रहे अत्याचारों पर रिपोर्टिंग करने के लिए रिपब्लिक टीवी के पत्रकार संटू पैन को गिरफ्तार कर लिया.  यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर व्यापक, अमानवीय और सीधा हमला है. टीवी न्यूज चैनल के रिपोर्टर को पुलिस कैमरे के सामने ही गिरफ्तार करके ले गयी.

रिपब्लिक बांग्ला रिपोर्टर को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया  

पैन की गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने आरोप लगाया कि उनके रिपोर्टर को सार्वजनिक परिवहन लेने की अनुमति नहीं दी गयी. कहा कि  उसे एक ही जगह पर तीन-चार घंटे तक खड़ा कर रखा गया. उसे घसीटा तक गया.  अर्नब गोस्वामी ने कहा कि  एक हत्यारे को भी अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिलता है. चैनल ने बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस ने संदेशखाली मामले में सच्चाई उजागर करने के लिए रिपब्लिक बांग्ला रिपोर्टर को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया है. भाजपा ने पत्रकार की गिरफ्तारी पर कहा कि आखिर मुख्यमंत्री सच सामने आने से इतनी डरी हुई क्यों हैं. अब वह मीडिया की आवाज को भी बंद कर देना चाहती हैं.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा, ममता  को  इस्तीफा देना चााहिए 

संदेशखाली को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि संदेशखाली के दौरे के समय उनको 18 शिकायतें मिली. जिनमें से दो रेप की थी.  उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए.   आरोप लगाया कि राज्य की ममता सरकार महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को रोकने में नाकाम रही है. जान लें कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख के ठिकाने पर ईडी की छापेमारी के बाद से ही यह राज्य में राजनीति का केंद्र बना हुआ है. [wpse_comments_template]

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