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पश्चिम बंगाल : कटमनी  के पैसे लौटा रहे टीएमसी नेता, कई वीडियो वायरल

Kolkata : पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में टीएमसी नेता लोगों से वसूली गयी कटमनी(कमीशन) के पैसे लौटाने लगे हैं. इसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. आरोप है कि इन नेताओं ने स्थानीय लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे वसूले थे.

 

 

अब जब बंगाल में भाजपा की सरकार आ गयी तो टीएमसी के इन कमीशनखोर नेताओं में भय समा गया है. लोग इनसे वसूले गये पैसे मांग रहे हैं. कई नेताओं की पिटाई भी हो चुकी है.

 


भाजपा आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने भी अपने एक्स हैंडल पर दो वीडियो शेयर किये हैं. अमित मालवीय ने लिखा है कि दक्षिण 24 परगना के नामखाना में लोकल टीएमसी  नेता(माधव चंद्र लाया) को लोगों को पैसे लौटाते हुए देखा गया.

 

 

 
आरोप है कि पीएमआवास योजना के तहत घर दिलाने के नाम पर 45 लाभार्थियों से 5-5हजार वसूले गये थे.  नामखाना के शिबरामपुर ग्राम पंचायत का सदस्य टीएमसी नेता माधव चंद्र लाया के अनुसार उसने बिना किसी दबाव के 45 ग्रामीणों को उनसे लिए 5-5 हजार रुपये लौटा दिये हैं.

 


माधव चंद्र लाया ने कहा कि उसने यह पैसा पार्टी(टीएमसी) के दबाव में लिया था. उसके अनुसार पंचायत के कई अधिकारी और टीएमसी नेता इस लेन-देन में शामिल थे.

 


एक और खबर है कि नादिया जिले के धुबुलिया में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मीर भंडार योजना के लाभार्थियों की लिस्ट में 173 पुरुषों के नाम दर्ज हैं. इन सबको लक्ष्मीर भंडार योजना की राशि मिलती रही है.   जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली ने कहा है कि जांच के बाद इन नामों को सूची से काट दिया गया है.

 


मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार लक्ष्मीर भंडार योजना के2.2 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 30 लाख लाभार्थी फर्जी हो सकते हैं. उन्होंने कहा है कि इसकी SIT जांच होगी.

 


खबरों के अनुसार सुवेंदु सरकार ने 18 मई को कट-मनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने के लिए इंस्टिट्यूशनल कमीशन का गठन किया है. रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु इसकी अध्यक्षता करेंगे. आयोग शुरू होने के बाद लोग सीधे इसमें शिकायत दर्ज कर सकते है.  

  
 

 

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