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पश्चिमी चंपारण : कटहा नदी में बना पुल तेज धार से टूटा, पहाड़ी नदियों का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा

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West champaran : बिहार के पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है. जिससे दर्जनों गांवों में पानी घुसने की संभावना बनी हुई है. नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कटहा नदी में बना पुल तेज धार में टूट गया. इसके कारण गांवों को जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. पढ़ें - हल्की">https://lagatar.in/the-stock-market-opened-with-a-slight-increase-sensex-rose-117-points-nifty-reached-the-level-of-17350/">हल्की

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भारी कटाव के कारण आवागमन ठप हो गया

बताया जा रहा है कि भितिहरवा पंचायत में दो दिनों से हो रही बारिश से पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. महात्‍मा गांधी की ऐतिहासिक कर्मभूमि भितिहारवा पंचायत के मरजादपुर और मरजदी को जोड़ने के लिए बनी जर्जर पुलिया पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गई है. रास्ते में भारी कटाव के कारण आवागमन ठप हो गया है.भितिहरवा पंचायत केश्रीरामपुर, मानीटोला, मंझरिया, पटखौली, बलुआ, बेलवा, अहरार, पिपरा आदि दर्जनों गांवों के ग्रामीण नदी में बढ़े पानी के स्तर से भय में है. लोगों को भय है कि कहीं उनके घर में भी पानी ना घुस जाये. इसे भी पढे़ं - गुरुग्राम">https://lagatar.in/gurugram-4-laborers-killed-three-in-critical-condition-after-falling-from-17th-floor/">गुरुग्राम

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पुल निर्माण के लिए ग्रामीणों ने 2017 में वोट का भी बहिष्कार किये थे 

लोगों ने बताया कि कटहा नदी के जर्जर पुल को बनाने के लिए कई बार आवाज उठाते रहे है. लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. इस गांव के लोगों ने साल 2017 में वोट का भी बहिष्कार किया गया था. बताया जा रहा है कि इस साल पुल के लिए बजट भी पास हो गया और जल्दी पुल निर्माण होने वाला है. लेकिन बारिश के कारण पुल ध्वस्त हो गया. वहीं मरजदी गांव तीन तरफ नदी से घिरा हुआ है. जिसके कारण बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है. इसके बावजूद इससे निपटने के लिए प्रशासन के स्‍तर से कोई ठोस पहल नहीं की जाती है. इसे भी पढे़ं - झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-petroleum-dealers-association-delegation-submitted-memorandum-to-cm-urging-to-reduce-vat-rate/">झारखंड

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