Lagatar Desk
झारखंड में शिक्षा का मुद्दा सिर्फ स्कूल, किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं है. शिक्षकों की भारी कमी, लंबे समय से टीईटी (TET) का आयोजन नहीं होना, शिक्षक नियुक्ति में पात्रता को लेकर विवाद, परीक्षाओं में गड़बड़ी और क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों के पद जैसे कई मुद्दे झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच चुके हैं.
हाईकोर्ट में शिक्षा से जुड़े मामलों की कोई एक आधिकारिक समेकित संख्या उपलब्ध नहीं है. अलग-अलग रिट याचिकाओं, जनहित याचिकाओं (PIL) और सेवा मामलों के माध्यम से ये मामले सामने आते हैं. इनमें कुछ मामले अभी न्यायिक प्रक्रिया या अनुपालन के चरण में हैं, जबकि कुछ मामलों में कोर्ट अपना फैसला सुना चुका है.
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