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चुनावी बॉन्ड मामले में प्रधानमंत्री किस बात से डरे हुए हैं, यह कौन सा नया घोटाला है : कांग्रेस

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नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू किये जाने के संदर्भ में रमेश ने कहा कि कानून के नियमों को अधिसूचित होने में 4 साल 3 महीने क्यों लग गये. New Delhi :  कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि सरकार भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के माध्यम से लगातार इस बात को सामने आने से रोकने या देरी करने की कोशिश कर रही है कि किसने, किस राजनीतिक दल को कितना चंदा दिया. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि आखिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किस बात से डरे हुए हैं? नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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छापे के बाद 30 कंपनियों से भाजपा को 335 करोड़  तक का चंदा मिला 

रमेश ने `एक्स` पर पोस्ट किया, 15 फरवरी 2024 को चुनावी बॉन्ड असंवैधानिक घोषित करने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद से मोदी सरकार एसबीआई के माध्यम से लगातार इस बात को सामने आने से रोकने या देरी करने की कोशिश कर रही है कि किसने, किस राजनीतिक दल को कितना चंदा दिया.  उन्होंने सवाल किया, प्रधानमंत्री किस बात से इतने डरे हुए हैं? चुनावी बॉन्ड के आंकड़ों से कौन सा नया घोटाला सामने आयेगा?  रमेश ने दावा किया कि 20 फरवरी 2024 को पता चला था कि ईडी, सीबीआई या आयकर विभाग के छापे या जांच के तुरंत बाद 30 कंपनियों से भाजपा को 335 करोड़ रुपए तक का चंदा मिला है.

छापे के तुरंत बाद कंपनियों ने भाजपा को चंदा क्यों दिया?

उन्होंने प्रश्न किया, छापे के तुरंत बाद कंपनियों ने भाजपा को चंदा क्यों दिया? क्या भाजपा चंदा वसूलने के लिए इन कंपनियों को ईडी-सीबीआई-आयकर विभाग की जांच की धमकी देकर डरा रही है? कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया, सेबी ने जिन चार कंपनियों को सेल कंपनी` बताया है, उनसे भाजपा ने 4.9 करोड़ रुपये का चंदा क्यों लिया? इन कंपनियों के माध्यम से भाजपा के पास किसका काला धन आया? नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू किये जाने के संदर्भ में रमेश ने कहा कि कानून के नियमों को अधिसूचित होने में 4 साल 3 महीने क्यों लग गये.

भारत में तीन के बजाय केवल एक ही निर्वाचन आयुक्त रह गये?

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जानबूझकर इन नियमों को अधिसूचित क्यों किया गया? रमेश ने सवाल किया, आख़िर हालात इस हद तक कैसे पहुंच गये कि लोकसभा चुनाव से पहले, भारत में तीन के बजाय केवल एक ही निर्वाचन आयुक्त रह गये? निर्वाचन आयोग से अरुण गोयल ने अचानक क्यों इस्तीफ़ा दिया? कांग्रेस महासचिव ने उनकी पार्टी के खिलाफ हुई आयकर विभाग की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा, मोदी सरकार कांग्रेस पार्टी से इतना क्यों डरती है कि उसे खाताबंदी और टैक्स टेररिज़्म का सहारा लेना पड़ रहा है? [wpse_comments_template]

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