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इनका क्या कसूर?

Saurav Singh Ranchi : झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलियों द्वारा बिछाई गयी लैंड माइंस की चपेट में आने से 12 से अधिक ग्रामीणों की मौत हो चुकी है. नक्सलियों ने ये लैंड माइंस पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए जंगलों में बिछाई थीं. आईईडी ब्लास्ट में जान गंवाने वाले ग्रामीण इन जंगलों में या तो लकड़ियां लेने गये थे या अपने परिवार के भरण पाेषण के लिए अन्य वनोपज लेने. लेकिन पुलिस और नक्सलियों की जंग की कीमत बेकसूर ग्रामीणों को चुकानी पड़ी. इन जंगलों में जाना पहले भी इनकी मजबूरी थी और आज भी है. जंगलों में जाएं तो आईईडी ब्लास्ट में जान चली जाती है और न जाएं तो पेट की आग जान ले लेती है. कई लोग आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने से अपने अंग गंवा चुके हैं. उनकी पूरी जिंदगी दूसरों की मोहताज हो गयी है. पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), लोहरदगा, गुमला, लातेहार और पलामू सहित विभिन्न नक्सल प्रभावित जिलों की यही स्थिति है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर सरकार और नक्सलियों की जंग में इन बेकसूरों की बलि क्यों ली जा रही है? इन ग्रामीणों का क्या कसूर है?

आईईडी ब्लास्ट में कब, कहां, कितने ग्रामीणों ने गंवाई जान

  • 28 अप्रैल 2023 : चाईबासा में लकड़ी लाने जंगल गई महिला की आईईडी ब्लास्ट में मौत हो गयी.
  • 14 अप्रैल 2023 : चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगाड़हातू से सटे जंगल में आईईडी ब्लास्ट में मटका कोड़ा नाम के व्यक्ति की मौत हो गयी. उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया.
  • 26 मार्च 2023 : चाईबासा के अंजदबेड़ा में आईईडी ब्लास्ट में ग्रामीण बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और एक वृद्धा घायल हो गयी.
  • 1 मार्च 2023 : चाईबासा के गोइलकेरा के ईचाहातु में आईईडी ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गयी.
  • 21 फरवरी 2023 : चाईबासा के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के मेरालगाड़ा गांव के पास आईईडी ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई.
  • 20 नवंबर 2022 : चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगाड़हातू गांव में लैंड माइंस ब्लास्ट में एक ग्रामीण की मौत हो गई.
  • 23 अप्रैल 2022 : लोहरदगा-लातेहार सीमा पर आईईडी की चपेट में आने से महिला की मौत.
  • 11 फरवरी 2022 : लोहरदगा में पेशरार थाना क्षेत्र के बुलबुल जंगल में आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ कोबरा के दो जवान घायल हो गए.
  • 23 दिसंबर 2021 : लोहरदगा जिले के सेरेंदाग थाना अंतर्गत चपाल जंगल में आईईडी ब्लास्ट में ग्रामीण की मौत हो गई थी.
  • 19 अगस्त 2021 : गुमला के बिशुनपुर थाना के नक्सल प्रभावित कसमार के जुड़वानी गांव में आईईडी ब्लास्ट में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी.
  • 14 जुलाई 2021 : गुमला जिले के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र के मरवा जंगल में आईईडी की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी.
  • 20 जून 2021 : लोहरदगा के पेशरार थाना क्षेत्र के बुलबुल जंगल में लैंडमाइंस की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत हो गई थी.
  • 27 फरवरी 2021 : गुमला के मड़वा जंगल में आईईडी ब्लास्ट में ग्रामीण महेंद्र महतो घायल हो गया. उसका एक पैर विस्फोट में उड़ गया था.
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