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नेहरू के बिना प्रधानमंत्री मोदी क्या करेंगे....कांग्रेस ने तंज कसा, दार्शनिक वॉल्टेयर का कथन याद दिलाया

NewDelhi : कांग्रेस ने आज रविवार को प्रधानमंत्री मोदी पर उनके द्वारा शनिवार को संसद में संविधान पर चर्चा को लेकर दिये गये भाषण पर पलटवार किया. आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू की बदनामी और न्यूनतम लोकतांत्रिक शासन उनका मॉडल है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी को नेहरू से जुनून है, क्योंकि वह अपनी विफलताओं और वर्तमान चुनौतियों से राष्ट्र का ध्यान भटकाने के लिए उनका(नेहरू) हवाला देते हैं, जिन पर वह पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं.

यदि ईश्वर का अस्तित्व नहीं होता तो उसका आविष्कार करना आवश्यक होता

जान लें कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर एक दिन पहले भारत के संविधान की गौरवशाली 75 वर्ष की यात्रा पर संसद में चर्चा के क्रम में पार्टी पर हल्ला बोला था. जयराम रमेश ने प्रसिद्ध फ्रांसीसी दार्शनिक वॉल्टेयर के उस कथन का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पहली बार कहा था कि यदि ईश्वर का अस्तित्व नहीं होता तो उसे आविष्कार करना आवश्यक होता. हमारे स्वयंभू ईश्वर के लिए. जयराम रमेश ने कहा, यदि नेहरू का अस्तित्व नहीं होता तो उसका आविष्कार करना(मोदी के लिए) आवश्यक होता.

असफलताओं से राष्ट्र का ध्यान हटाने के लिए उन्हें नेहरू की आवश्यकता हैं

कांग्रेस नेता जयराम रमेश का सवाल था कि नेहरू के बिना प्रधानमंत्री(मोदी) क्या करेंगे, जिनके प्रति उनमें जुनूनी जुनून है? कहा कि अपनी असफलताओं से राष्ट्र का ध्यान हटाने के लिए उन्हें नेहरू की आवश्यकता हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि मई 2014 से पहले राष्ट्र की कई उपलब्धियों को नकारने के लिए नेहरू आवश्यक हैं.बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर संविधान को बार-बार विकृत करने और सत्ता के लालच में खून का स्वाद चखने का आरोप लगाया था. कहा था कि 2014 से उनकी सरकार की नीतिया और निर्णय संविधान के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की ताकत और एकता को बढ़ा रहे हैं.  

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