Search

 
 
 

जब बैंकिंग सिस्टम संकट में थे, तो रघुराम राजन ने ध्यान नहीं दिया, तय करें कि नेता हैं या इकोनॉमिस्ट : वित्त मंत्री

 
New Delhi : आरबीआई के गवर्नर के रूप में रघुराम राजन अपने कर्तव्यों को पूरा करने में विफल रहे, इस कारण देश का बैंकिंग सिस्टम संकट में पड़ गया. जब बैंक परेशानी में थे, तो उस समय रघुराम राजन ने बैंकिंग सिस्टम की ओर ध्यान नहीं दिया. यह आरोप वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगाये हैं. वह बिजनेस टुडे बात कर रही थीं. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

     नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें

वित्त मंत्री ने रघुराम राजन पर गंभीर आरोप लगाये

एग्जीमक्यूटिव डायरेक्टर राहुल कंवल और मैनेजिंग एडिटर सिद्धार्थ जराबी के साथ बातचीत क्रम में वित्त मंत्री ने रघुराम राजन पर गंभीर आरोप लगाये. वित्त मंत्री का कहना था कि बैंक जब बाहरी दबाव से निपटने में लगे हुए थे., राजन को चाहिए था कि उन्हें (बैंक) बाहरी दबाव से बचायें. उन्हें बैकों को नियमों के बारे में जानकारी देनी चहिए थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

 राजन  इकोनॉमिस्ट के रूप में या फिर राजनेता के रूप में बोलते हैं? 

निर्मला सीतारमण इस क्रम में तंज कसा कि राजन पहले यह स्पष्ट करें कि क्या वह हर बार बोलते समय एक इकोनॉमिस्ट होते हैं या फिर राजनेता के रूप में बोलते हैं. जान लें कि कुछ दिन पहले ही रघुराम राजन ने कहा था कि देश को विकसित देश बनने के लिए 9-10 फीसदी ग्रोथ का टारगेट रखना चाहिए. वित्त मंत्री ने यह जवाब उसी संदर्भ में था.

तो भारत 2047 तक विकसित देश की कैटेगरी में शामिल नहीं हो पायेगा 

रघुराम राजन का कहना था कि विकास की मौजूदा दर पर भारत 2047 तक चीन की प्रति व्यीक्ति आय तक पहुंच जायेगा, लेकिन भारत को बढ़ती आबादी का भी सामना भी करना है. उनका कहना था कि यदि भारत मौजूदा रेट से ग्रोथ करता है तो भी 2047 तक विकसित देश की कैटेगरी में शामिल नहीं हो पायेगा.   रघुराम राजन के अनुसार भारत को जाहिए कि वह मानव पूंजी और बौद्धिक संपदा बनाने की क्षमता पर फोकस करे. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही