ऐसे तैयार किए जा रहे हर्बल गुलाल
हर्बल गुलाल बनाने के लिए समूह की दीदियां फूल, फल एवं पत्तियों का उपयोग कर रही हैं. हरे रंग के लिए पालक, गुलाबी के लिए गुलाब के फूल, पीले और भगवा रंग के लिए पलाश एवं गेंदा फूल, लाल रंग के लिए चुकंदर और अन्य रंगों के लिए चंदन सहित अन्य प्रकार के फूल एवं पत्तियों के रंगों का उपयोग किया जा रहा है. विभिन्न प्रकार के फूल, पत्ती और फलों को सबसे पहले गर्म पानी में उबाला जाता है और उसके बाद मिक्सर में पीसकर इसका मिश्रण तैयार किया जाता है. फिर आरारोट के आटे में मिलाकर इसे अच्छी तरह गूंथा जाता है और इसे ट्रे में फैलाकर सुखाने के बाद इससे अच्छी प्रकार पीसने के पश्चात उसमें चंदन, नायसिल पाउडर और थोड़ा सा नेचूरल फरफ्यूम मिलाकर इससे हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है.आकर्षक पैकेट में की जा रही पैकेजिंग
गुलाल तैयार होने के बाद से आकर्षक पैकेट में पैकेजिंग कर जेएसएलपीएस के विभिन्न स्थानों पर स्थापित क्रय केंद्र पलाश स्मार्ट में बिक्री के लिए भेजा जाता है.alt="" width="300" height="169" />
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पीएम मोदी के सपने को साकार कर रहीं पेटो की महिलाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर की परिकल्पना सुदूरवर्ती गांव की महिलाएं धरातल पर लाने की कोशिश कर रही हैं. महिलाएं गुलाल बनाकर पैसा कमा रही हैं और अपने परिवार का पालन कर रही हैं. दारू गांव की पेटो की महिला वनोपज किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड से जुड़ी 15 महिलाओं का समूह बना गुलाल बना रही हैं. हर्बल गुलाल बनाने वाली समिति की अध्यक्ष राखी देवी बताती हैं कि तीन वर्षों से वे लोग गुलाल बना रही है. पहले साल 50 किलो, दूसरे साल डेढ़ क्विंटल और इस बार ढाई क्विंटल गुलाल तैयार की जा रही है. सबसे अच्छी बात यह है कि उनके गुलाल रांची, गिरिडीह, ब्लॉक कार्यालय, डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर, विभिन्न थानों, प्लास मार्ट, लोकल बाजार और सखी मंडल की दीदी भी गुलाल बाजारों में उपलब्ध करा रही हैं. ऐसे में इस बार हर्बल गुलाल से बेहतर मुनाफे की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें : बजट">https://lagatar.in/budget-session-lobin-reached-the-assembly-with-a-stiletto-said-hemant-government-does-not-listen-to-us/">बजटसत्र : बहंगी लेकर विधानसभा पहुंचे लोबिन, कहा- हेमंत सरकार हमारी नहीं सुनती [wpse_comments_template]

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