Ayodhya : अयोध्या में बड़ी संख्या में हैंड ग्रेनेड बरामद होने से सनसनी फैल गई। ये हैंड ग्रेनेड कहा से आये इसका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है. ये हैंड ग्रेनेड सेना के ट्रेनिंग सेंटर से तीन किलोमीटर दूर मिले थे. आर्मी इंटेलिजेंस और अयोध्या पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है. बरामद हैंड ग्रेनेड को सेना ने नष्ट कर दिया है. इसे भी पढ़ें- रणजी">https://lagatar.in/madhya-pradesh-the-new-king-of-ranji-cricket-defeated-41-time-champion-mumbai/">रणजी
क्रिकेट को मिला नया किंग, मध्य प्रदेश ने 41 बार की चैंपियन मुंबई को ऐसे हराया बताया जा रहा है कि शनिवार को कंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र के निर्मली कुंड चौराहे के पास पेड़ों और झाड़ियों के बीच हैंड ग्रेनेड पड़े थे. वहां से गुजर रहे एक स्थानीय युवक ने हैंड ग्रेनेड देखा. उसने ही इसकी जानकारी सेना को दी. सूचना मिलने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम पहुंची तो उसे कुछ ही दूरी के भीतर पेड़ों और झाड़ियों के बीच 12 से 15 हैंड ग्रेनेड पड़े हुए मिले. यह पूरा क्षेत्र सेना की निगरानी में रहता है और रात 10 बजे के बाद आवाजाही की भी मनाही हो जाती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी सुरक्षा वाले इलाके में इतनी मात्रा में हैंड ग्रेनेड कहां से आये. अयोध्या कंटोनमेंट बोर्ड के चेयरमैन मिलन निषाद ने सवाल उठाया कि आखिर जो सेना का हैंड ग्रेनेड ट्रेनिंग सेंटर है, वहां से लगभग ढाई से 3 किलोमीटर दूर ये हैंड ग्रेनेड कैसे पहुंच गए. इतनी दूर इन्हें हाथों से फेंका नहीं जा सकता और नजदीक केवल शूटिंग रेंज है, जहां इनको फेंकने की प्रैक्टिस नहीं होती है. इसलिए ये जांच का विषय है. वहीं सेना के PRO शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि ये आम बातें हैं, अक्सर ऐसा होता है कि ट्रेनिंग के दौरान कुछ हैंड ग्रेनेड नहीं फटते, जिन्हें बाद में रिकवर किया जाता है. जब उनसे पूछा गया कि ट्रेनिग सेंटर से 3 किलोमीटर दूर हैंड ग्रेनेड कैसे आए, तो इसका जवाब वे नहीं दे सके. [wpse_comments_template]
क्रिकेट को मिला नया किंग, मध्य प्रदेश ने 41 बार की चैंपियन मुंबई को ऐसे हराया बताया जा रहा है कि शनिवार को कंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र के निर्मली कुंड चौराहे के पास पेड़ों और झाड़ियों के बीच हैंड ग्रेनेड पड़े थे. वहां से गुजर रहे एक स्थानीय युवक ने हैंड ग्रेनेड देखा. उसने ही इसकी जानकारी सेना को दी. सूचना मिलने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम पहुंची तो उसे कुछ ही दूरी के भीतर पेड़ों और झाड़ियों के बीच 12 से 15 हैंड ग्रेनेड पड़े हुए मिले. यह पूरा क्षेत्र सेना की निगरानी में रहता है और रात 10 बजे के बाद आवाजाही की भी मनाही हो जाती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी सुरक्षा वाले इलाके में इतनी मात्रा में हैंड ग्रेनेड कहां से आये. अयोध्या कंटोनमेंट बोर्ड के चेयरमैन मिलन निषाद ने सवाल उठाया कि आखिर जो सेना का हैंड ग्रेनेड ट्रेनिंग सेंटर है, वहां से लगभग ढाई से 3 किलोमीटर दूर ये हैंड ग्रेनेड कैसे पहुंच गए. इतनी दूर इन्हें हाथों से फेंका नहीं जा सकता और नजदीक केवल शूटिंग रेंज है, जहां इनको फेंकने की प्रैक्टिस नहीं होती है. इसलिए ये जांच का विषय है. वहीं सेना के PRO शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि ये आम बातें हैं, अक्सर ऐसा होता है कि ट्रेनिंग के दौरान कुछ हैंड ग्रेनेड नहीं फटते, जिन्हें बाद में रिकवर किया जाता है. जब उनसे पूछा गया कि ट्रेनिग सेंटर से 3 किलोमीटर दूर हैंड ग्रेनेड कैसे आए, तो इसका जवाब वे नहीं दे सके. [wpse_comments_template]
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