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जहां कमजोर हुए नक्सली, वहां बढ़ा दूसरे गिरोहों के पनपने का खतरा

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Saurav Singh Ranchi: झारखंड के जिन-जिन जिलों में भाकपा माओवादी संगठन के नक्सली कमजोर हुए हैं. वहां दूसरे गिरोह के पनपने का खतरा है. झारखंड पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि भाकपा माओवादी के नक्सल गढ़ों में कमी के साथ स्प्लिंटर ग्रुप और आपराधिक गिरोह उस खालीपन को भरने की कोशिश करेंगे, जो भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. इसे भी पढ़ें -ICC">https://lagatar.in/icc-world-cup-2023-schedule-released-indo-pak-match-to-be-held-on-october-15/">ICC

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माओवादी संगठन से अलग होकर बने झारखंड में छह स्प्लिंटर ग्रुप है

- पीएलएफआई - टीपीसी - जेजेएमपी - एसजेएमएस - एसएमपी - जेपीसी

छह में से सिर्फ तीन स्प्लिंटर ग्रुप है सक्रिय

- पीएलएफआई - रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, चाईबासा, - जेजेएमपी - चतरा, लातेहार, पलामू, लोहरदगा - टीपीसी - चतरा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग

झारखंड पुलिस के लिए चुनौती हैं आठ मोस्ट एक्टिव अपराधी गिरोह

- अमन साहू गिरोह: रांची, लातेहार, रामगढ़ और हजारीबाग. - अमन श्रीवास्तव गिरोह: रांची, रामगढ़ और लातेहार - अमन सिंह गिरोह: धनबाद - विकास तिवारी गिरोह : रामगढ़ - सुजीत सिन्हा गिरोह : लातेहार और पलामू - अखिलेश सिंह गिरोह : जमशेदपुर और सरायकेला - सुधीर दुबे गिरोह : जमशेदपुर और सरायकेला - डब्लू सिंह गिरोह : पलामू इसे भी पढ़ें -वॉल">https://lagatar.in/wall-street-journal-complains-to-the-white-house-journalist-sabrina-siddiqui-who-asked-questions-to-modi-is-being-harassed/">वॉल

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