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कश्मीर को लेकर फारूक के बयान पर थम नहीं रहा सियासी घमासान, बीजेपी ने आंखें तरेरी, कांग्रेस, सपा ने क्या कहा

कश्मीर को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह के दिए बयान पर सियासी हंगामा मच गया है. बीजेपी ने उनके बयान को 'भारत विरोधी' बताया है. दूसरी तरफ कांग्रेस, राजद, सपा और आरएलडी के नेताओं ने भी फ़ारूक़ के बयान की आलोचना की है.
 
Farooq Abdullah

Lagatar Desk

कश्मीर को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह के दिए बयान पर सियासी हंगामा मच गया है. बीजेपी ने उनके बयान को 'भारत विरोधी' बताया है. दूसरी तरफ कांग्रेस, राजद, सपा और आरएलडी के नेताओं ने भी फ़ारूक़ के बयान की आलोचना की है.

 

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है, फारूक अब्दुल्ला और इनके पिता ये सब भारत के दुश्मन हैं. कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद वहां की सूरत बदल गई. वहां लोगों को रोजगार मिल रहा है. टूरिस्ट जा रहे हैं. अब्दुल्लाह जैसे लोग ये नहीं बोलेंगे.

 

हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने कहा, "फारूक अब्दुल्ला का चरित्र देश के जन-जन में पहले से ही उजागर है. ये हिन्दुस्तान से ज्यादा पाकिस्तान से प्रेम करते हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने धारा 370 को खत्म किया. कश्मीर भी भारत का वैसे ही अंग है जैसे पंजाब है, हरियाणा है, उत्तर प्रदेश है, राजस्थान है. कश्मीर ने इसका पूरी तरह से स्वागत किया। आज जी-20 की वहां पर बैठक होती है। आज वहां पर इंटरनेशनल मैच होते हैं। लेकिन कुछ भटके हुए आत्माएं पलट-पलट के इस पर वार करने की कोशिश करती हैं लेकिन इनका कोई भी प्रहार कामयाब नहीं होगा।"

 

कब और क्या कहा था फारूक अब्दुल्लाह ने

 
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे को बरकरार रहकर पाकिस्तान ने कश्मीरी को बचाया है. अब्दुल्ला के इस बयान से विवाद खड़ा हो गया और बीजेपी ने इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए उन्हें राष्ट्र द्रोही और राष्ट्र विरोधी बताया.

 

 

 

अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरियों को केंद्र सरकार से बहुत कम उम्मीद है उन्होंने उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में नेशनल कांफ्रेंस के कार्यक्रम में कहा के लिए आपके साथ न्याय करेंगे अब्दुल्ला तीन बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं कश्मीरी लोग हिम्मत बनाए रखें ताकि दिल्ली के सामने टिके रह सकें. उन्होंने कहा अगर आपने यह हिम्मत नहीं होगी तो आपका अस्तित्व मिट जाएगा हमारा नाम हमेशा और पहचान खत्म हो जाएगी कुछ भी नहीं बचेगा.

 

उन्होंने कहा, "आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? ये इंसाफ़ करेंगे- अरे, हिम्मत रखो उनका मुकाबला करने के लिए. नहीं रखोगे तो मिट जाओगे, तुम्हारा नामो-निशान मिट जाएगा. ये आज चुप हैं क्योंकि दुनिया में शोर है और हमारा पड़ोसी लगा हुआ है इनके पीछे. हर जगह वो पहुंच जाता है, ये कह कर कि कश्मीर का फ़ैसला नहीं हुआ है. वो हमें बचा रहा है. "इनके इरादे नेक नहीं हैं. ये कहते एक बात हैं और करते बिल्कुल उसके ख़िलाफ़ हैं. ताक़त रखो ताकि सच्चाई को पकड़ सको, सच कहना आसान नहीं है."

 


अब्दुल्लाह ने अपने भाषण में आर्टिकल 370 के तहत कश्मीर को मिले विशेष दर्जे के हटाए जाने और परिसीमन का ज़िक्र करते हुए बीजेपी पर मुसलमानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया. गौरतलब है कि अब्दुल्ला तीन बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

 

कांग्रेस, सपा, आरएलडी, राजद ने क्या

 

फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर कि पाकिस्तान ने कश्मीरियों को "बचाया", RJD सांसद मनोज झा ने कहा, "इस तरह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. हमारे सामने समस्याएं हैं, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता. हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेंगे और इस मुद्दे को सुलझाएंगे."


कांग्रेस के नेताओं ने भी अब्दुल्लाह के इस बयान की आलोचना की है. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "पाकिस्तान तो अपने आप को नहीं बचा पाता. अगर पाकिस्तान अच्छा होता तो पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में कश्मीरियों के साथ अच्छा व्यवहार होता. पाकिस्तान तो धूर्त मुल्क है, पाकिस्तान से कोई उम्मीद नहीं करना. मुझे नहीं समझ आया कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने ऐसा बयान क्यों दिया, शेख़ अब्दुल्लाह, फ़ारूक़ अब्दुल्लाह से लेकर उमर अब्दुल्लाह तक उनकी नीति हमेशा भारत के लिए रही है." मसूद ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्होंने किस संदर्भ में ये बयान दिया है, लेकिन ऐसा बयान दिया है तो वो इसका समर्थन नहीं कर सकते.

 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के बयान से असहमति जताते हुए, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा, "यह बयान देखकर मुझे बहुत हैरानी हुई। फारूक अब्दुल्ला ने हमेशा भारत के पक्ष में बात की है और वे कई बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वे केंद्र में मंत्री भी रहे हैं. मुझे उनसे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी. मैं इस दावे से पूरी तरह असहमत हूं कि पाकिस्तान हमारा रक्षक है. पाकिस्तान हमारा रक्षक नहीं, बल्कि हमारा विनाश करने वाला है... पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमारे लोगों को रोजगार या व्यापार के अवसर देने के बारे में कभी बात नहीं करता. अगर हम उन्हें पाकिस्तान के हवाले कर देते हैं, तो उनका भी वही हाल होगा जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोगों का है.  इसलिए, यह कहना कि पाकिस्तान हमारा रक्षक है, पूरी तरह गलत है. पाकिस्तान हमारा दुश्मन था, दुश्मन है और जम्मू-कश्मीर के लोगों का दुश्मन बना रहेगा."

 

समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "कश्मीर भी हमारा है और कश्मीरी भी हमारे हैं, हम समाजवाद के लोग, सब को सम्मान देने की बात करते हैं, जो अशांति कश्मीर में रही है, पाकिस्तान की दख़लअंदाज़ी, उसकी ग़लत नीतियों की वजह उसने कश्मीरियत को भी नुक़सान पहुंचाया, उसने कश्मीरी मुसलमानों को नुक़सान पहुंचाया, पंडितों को और सिखों को भी नुक़सान पहुंचाया."

 

इससे पहले जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने अब्दुल्लाह के बयान को भारत विरोधी बताते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ़्रेंस का रुख़ ही भारत विरोधी रहा है.

 

उन्होंने कहा, "यह देश के सामने एक खुली बग़ावत है. उनका यह बयान देश की एकता और अखंडता के ख़िलाफ़ है. नेशनल कॉन्फ़्रेंस हमेशा देश विरोधी रही है. फ़ारूक़ अब्दुल्ला का जो बयान आया है वह पूरी तरह से देश विरोधी बयान है. उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए."

 

बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "जिस पाकिस्तान का फ़ारूक़ अब्दुल्लाह साहब गुणगान कर रहे हैं, पाकिस्तान ने कश्मीर के इस हिस्से को क्या दिया-आतंकवाद, अलगाववाद, लोगों को पत्थरबाज़ बनाने का." उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी के आने के बाद कश्मीर मुख्यधारा के साथ जुड़ा है और कश्मीर में निवेश आ रहे हैं. यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ी है.

 

 

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