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ह्विसिलब्लोअर फ्रांसेस हौगेन का खुलासा : भारत में संघ से जुड़ी झूठी खबरों को रोकने में फेसबुक नाकाम

New Delhi :  आम लोगों के बीच बेहद चर्चित और लोकप्रिय फेसबुक से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर आयी है. यह खबर फेसबुक की छवि को न सिर्फ धुंधली करती है बल्कि उसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है. फेसबुक की पूर्व कर्मचारी और ह्विसिलब्लोअर फ्रांसेस हौगेन ने इस कंपनी की खामियों को लेकर न सिर्फ खुलासा किया है बल्कि अमेरिका की प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) में शिकायत दर्ज कर इसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की है. गौर करने वाली बात यह है कि शिकायत के संदर्भ में हौगेन ने अपने शिकायत पत्र में जो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं उसमें भारत से जुड़े फेसबुक के दुरुपयोग को लेकर एक लंबी चौड़ी सूची शामिल है. इसमें विशेष रूप से दक्षिणपंथी संगठनों तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का नाम सामने आया है. बीते सोमवार को रात को एक">https://www.cbsnews.com/news/facebook-whistleblower-sec-complaint-60-minutes-2021-10-04/?ftag=CNM-00-10aab7d&linkId=134568667">एक

न्यूज एजेंसी ने इस बात को सार्वजनिक किया है. इसे भी पढ़े -पटना">https://lagatar.in/in-patna-miscreants-looted-jewelery-from-businessman-by-pretending-to-be-a-soldier-of-stf/">पटना

में बदमाशों ने एसटीएफ का सिपाही बताकर व्यवसायी से लूटे जेवरात  

शिकायतें फेसबुक की एक भयावह छवि पेश करती हैं

फ्रांसेस हौगेन एक डेटा साइंटिस्ट हैं, जिन्होंने मई 2021 तक फेसबुक के साथ काम किया है. कैंब्रिज एनालिटिका के बाद यह  दूसरा ऐसा बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने फेसबुक को एक बार फिर से संकट में डाल दिया है और वह अपनी छवि को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. कहा तो यह जा रहा है कि मामला इतना गंभीर है कि यदि इस मामले की एक समग्र तस्वीर देखें, तो ये शिकायतें फेसबुक की एक भयावह छवि पेश करती हैं और इसके चलते पूरा लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित हो रहा है.रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक भारत को ‘टियर-0’ की श्रेणी में रखता है. इस श्रेणी में ऐसे देशों को रखा जाता है जहां महत्वपूर्ण चुनावों के दौरान ज्यादा ध्यान दिया जाता है. भारत के अलावा इस श्रेणी में केवल दो और देश ब्राजील तथा अमेरिका हैं. [wpse_comments_template]  

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