
Asok Akela
बिहार की बेटी नेहा झा. शराब सप्लाई व बेचने के आरोप में गिरफ्तारी. नेहा को लेकर तरह तरह की बातें मीडिया, सोशल मीडिया व फेसबुक तथा वाट्सएप पर लगातार कही जा रही हैं. यह सही है कि नेहा की सुंदरता ही उसके लिए समस्या बन गई. अगर नेहा की जगह कोई गरीब, फटी कपड़ों, गंदे कपड़ों में यही काम की होती तो शायद इतनी चर्चा नहीं होती.
जिन पुलिसवालों ने भी नेहा को रेल में सफर के दौरान शराब की बोतलों के साथ गिरफ्तार किया हैं, उन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए. आखिर नेहा झा ने किसी की हत्या नहीं की हैं, किसी के घर डकैती नहीं की हैं, किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हैं. आखिर उसको इतनी बड़ी सजा क्यों दी गई.
- - नेहा झा की तस्वीर किसने लीक की?
- - नेहा की मुंह छुपाकर पुलिस ने क्यों नहीं रखा?
नेहा झा हमारे समाज की पढ़ी लिखी बेटी हैं, किन परिस्थितियों और मजबूरियों के कारण उसने शराब हरियाणा से लाकर बिहार में बेचने का काम किया, यह सब भी बिहार सरकार को देखना चाहिए.
पुलिस मैन्युअल में भी यह है कि अपराधी, हत्यारे, चोर, डकैती में शामिल लोगों के चेहरे को ढंककर पुलिस प्रेस व मीडिया के समक्ष हाजिर करती हैं. जिन अपराधियों ने दस, बीस हत्या, बलात्कार किए हैं, उनके चेहरे ढंककर पुलिस सामने लाती हैं और प्रेस वालों के कहने के बाद भी चेहरे पर से नकाब नहीं हटाती हैं. यहां तो बिहार की पुलिस नेहा झा के पूरे परिवार को बर्बाद कर रख दी हैं. इससे नेहा झा का पुरा परिवार, रिश्तेदार, करीबी सभी दुःखी हैं. परिवार की बदनामी करने से पुलिस और सरकार को क्या मिला.
मैं भी बिहार का रहनेवाला हूं, बिहार के हर गांव में घर-घर अवैध हथियार, तमांचा, कट्टा मिलता हैं. शराब तो पार्सल में कहीं भी पहुंचा जाता है. अवैध हथियार रखना गुनाह हैं, लेकिन अवैध हथियार की फैक्ट्री मुंगेर और पलामू में सालों से फल फूल रहा है. यहां तो एक बेटी व उसके परिवार के जीवन का सवाल हैं. नेहा झा की शादी में कठिनाइयां होगी, नेहा के मां बाप बाजार शहर में जायेंगे तो लोग शराब बेचनेवाली बेटी के माता-पिता को गलत नजर से देखेंगे. इन सारी परिस्थितियों के लिए राज्य सरकार का पुलिस महकमा काफी जिम्मेदार हैं.
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि नेहा झा समाज में अपना बदनाम चेहरा लेकर कैसे घुमेगी, रहेगी? नेहा से किन किन लोगों ने शराब खरीदी उनके नाम भी अब उजागर होने चाहिए. यह एक बेटी का सवाल हैं, इस बेटी के साथ अन्याय किया गया हैं. हत्यारे विधान सभा, लोकसभा में बैठ रहे हैं और नेहा झा जैसी बेटी को बदनाम कर रख दिया गया हैं.
इस पूरी घटना के पीछे कोई न कोई साजिश नजर आ रही हैं. रेल पुलिस हो या राजकीय पुलिस शक के दायरे में हैं. एक बेटी को बदनाम कर सरकार को या पुलिस को क्या मिला?
- - क्या अब बिहार में शराब नहीं मिलेगी?
- - तस्कर शराब नहीं बेचेंगे?
सत्य तो यह है कि पुलिस की मिलीभगत से शराब बिकती हैं और शराब दुसरे राज्यों से बिहार के हर ज़िले में पहुंचती हैं. पुलिस बड़े-बड़े शराब माफिया को गिरफ्तार करे, इस रैकेट में शामिल तस्करों को पकड़े न कि नेहा झा जैसी बिहार की एक बेटी की जिंदगी खराब करें.