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परंपरागत सीट दुमका से गुरुजी का किसे मिलेगा आशीर्वाद

-बहू सीता सोरेन और नलिन सोरेन दोनों ने आशीर्वाद मिलने का किया दावा, एक है भाजपा, तो दूसरा झामुमो प्रत्याशी -अब तक 16 बार हुए लोकसभा चुनाव में सात बार गुरुजी रहे दुमका से सांसद Kaushal Anand Ranchi: दुमका सोरेन परिवार खासकर गुरुजी शिबू सोरेन की कर्मभूमि रहा है. दुमका संसदीय सीट एक तरह सोरेन परिवार की परंपरागत सीट रही है. दुमका में हुए अब तक 16 चुनाव में सात बार गुरुजी सांसद रहे. मगर इस बार दुमका का राजनीतिक समीकरण बदल चुका है. झामुमो छोड़ कर भाजपा गयी गुरुजी की बड़ी बहू सीता सोरेन दुमका से मैदान में हैं. वहीं दूसरी ओर पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता,विधायक नलिन सोरेन को उतारा गया है. दोनों मजबूत प्रत्यााशी के रूप में आमने-सामने हैं. दोनों जीत की ताल ठोंक रहे हैं. मगर सोरेन परिवार के इस परंपरागत सीट से गुरुजी का आशीर्वाद किसे मिलेगा, इसको लेकर दोनों ओर से दावा किया गया है. अब किसे आर्शीवाद मिलता है और कौन बाजी मारता है, यह तो 4 जून को ही पता चल पाएगा.

गुरुजी का आशीर्वाद मुझे पहले ही मिल चुका है: सीता सोरेन

इसको लेकर शुभम संदेश से बातचीत में भाजपा प्रत्याशी एवं बड़ी बहू सीता सोरेन ने कहा कि गुरुजी का आशीर्वाद मुझे पहले ही मिल चुका है. उन्होंने विजयी भव : का आशीर्वाद मुझे दे दिया है. नामांकन करने के पहले भी वे गुरुजी से आशीर्वाद लेने जाएंगी. उनके आशीर्वाद से मैं दुमका सीट निश्चित ही जीत लूंगी.

गुरुजी के आशीर्वाद से मैं बना हूं प्रत्याशी : नलिन सोरेन

आपको पता होना चाहिए मुझे दुमका से टिकट किसने दिया है. गुरुजी पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष हैं. उनकी सहमति, आशीर्वाद और उनके हस्ताक्षर से मुझे प्रत्याशी बनाया गया है. उनका आशीर्वाद नहीं होता तो क्या मैं चुनाव में उतर जाता. पारिवारिक संबंध और चुनाव दोनों अलग-अलग चीज है. गुरुजी का आशीर्वाद मुझे पहले से ही प्राप्त है.

16 बार में सबसे अधिक सात बार शिबू रहे विजयी

दुमका में सन 1957 से लोकसभा चुनाव होने शुरू हुए. 2014 तक कुल 16 बार हुए चुनाव में सात बार सबसे अधिक शिबू सोरेन ही विजयी रहे. अब तक हुए कुल 16 चुनाव में सात बार शिबू, चार बार कांग्रेस, तीन बार भाजपा, एक बार जनता पार्टी और एक बार भारतीय लोकदल विजयी रहा. इससे यह साबित होता है कि गुरुजी के लिए दुमका कर्मभूमि रहा और सबसे अधिक बार चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाया है.

दुमका के छह विस में पांच पर है झामुमो-कांग्रेस का कब्जा

दुमका लोकसभा सीट में कुल छह विधानसभा क्षेत्र हैं. जिसमें से चार विधानसभा सीट पर झामुमो, कांग्रेस का कब्जा है. शिकारीपाड़ा, जामा (सीता के इस्तीफे के बाद रिक्त), नाला और दुमका विधानसभा सीट झामुमो के खाते में जबकि जामताड़ा कांग्रेस के खाते में है. वहीं सारठ सीट भाजपा के खाते में है.

दुमका से कब-कब कौन रहा विजयी

चुनाव -कौन रहा विजयी-पार्टी 1957- सुरेश चंद्र चौधरी- जनता पार्टी 1962-सत्य चंद्र बेसरा-कांग्रेस 1967- सत्यचंद्र बेसरा- कांग्रेस 1971-सत्यचंद्र बेसरा-कांग्रेस 1977- बटेश्वर हेंब्रम- भारतीय लोकदल 1980-शिबू सोरेन- निर्दलीय 1984- पृथ्वी चंद्र कुश-कांग्रेस 1989- शिबू सोरेन-झामुमो 1991-शिबू सोरेन-झामुमो 1996- शिबू सोरेन-झामुमो 1998-बाबूलाल मरांडी-भाजपा 1999-बाबूलाल मरांडी-भाजपा 2004- शिबू सोरेन-झामुमो 2009- शिबू सोरेन-झामुमो 2014-शिबू सोरेन-झामुमो 2019 - सुनील सोरेन- भाजपा [wpse_comments_template]  

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