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फरवरी में थोक महंगाई दर 3.85 प्रतिशत और जनवरी में 4.73 फीसदी थी
विनिर्मित वस्तुओं और ईंधन के दाम घटने के कारण थोक मुद्रास्फीति में गिरावट आयी है. हालांकि इस दौरान खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है. इससे पहले फरवरी 2023 में डब्ल्यूपीआई आधारित महंगाई 3.85 प्रतिशत था. जबकि जनवरी 2023 में ये 4.73 प्रतिशत पर थी. वहीं पिछले साल मार्च में थोक महंगाई दर 14.63 प्रतिशत थी. बता दें कि मार्च 2023 में रिटेल महंगाई दर भी 15 महीने के निचले स्तर 5.66 प्रतिशत पर पहुंच गयी है. जो फरवरी 2023 में 6.44 प्रतिशत और मार्च 2022 में 6.95 प्रतिशत पर था. इसे भी पढ़ें : राहुल">https://lagatar.in/rahul-gandhi-said-bjp-rss-are-spreading-hatred-and-violence-in-the-country/">राहुलगांधी ने कहा, भाजपा-RSS देश में नफरत और हिंसा फैला रहे हैं, कर्नाटक की जनता कांग्रेस को दे 150 सीटें
इन चीजों के दामों में नरमी से घटी महंगाई दर
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2023 में महंगाई दर घटने की मुख्य वजह बुनियादी धातुओं, खाद्य वस्तुओं, कपड़ा, गैर-खाद्य वस्तुओं, खनिजों, रबड़ एवं प्लास्टिक उत्पादों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, कागज और कागज से बने उत्पादों के दामों में कमी आना है. खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.81 प्रतिशत से बढ़कर 5.48 प्रतिशत पर पहुंच गयी. गेहूं और दाल की महंगाई दर क्रमश: 9.16 प्रतिशत और 3.03 प्रतिशत रही. जबकि सब्जियां 2.22 प्रतिशत सस्ती हुईं. तिलहन की महंगाई दर मार्च में 15.05 प्रतिशत कम हुई. ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई 14.82 प्रतिशत से कम होकर 8.96 प्रतिशत पर आ गयी. वहीं विनिर्मित उत्पाद 0.77 प्रतिशत सस्ते हुए. जो पिछले महीने 1.94 प्रतिशत थी. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति भी मार्च में घटाकर 15 महीने के निचले स्तर 5.66 प्रतिशत पर आ गयी, जो फरवरी में 6.44 प्रतिशत थी. इसे भी पढ़ें : लातेहार">https://lagatar.in/latehar-angry-employees-lockout-st-xaviers-academy-student-parents-upset/">लातेहार: बिना नोटिस काम से हटाने पर कर्मचारियों ने संत जेवियर अकेडमी में की तालाबंदी, छात्र-अभिभावक परेशान [wpse_comments_template]

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