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झारखंड में बार-बार क्यों भड़क रही सांप्रदायिक हिंसा, सालभर में घटी 5 घटनाएं

 
Saurav Singh Ranchi : जमशेदपुर में रामनवमी जुलूस निकालने के दौरान और साहिबगंज जिले में चैती दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई. हिंसक झड़प की ये कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं. बीते साल की बात करें तो झारखंड में ऐसी पांच घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है. इसे भी पढ़ें - CM">https://lagatar.in/mining-lease-allocation-case-cm-high-court-seeks-answer-ed-and-government-debate-on-pil-sunil-mahato/">CM

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सांप्रदायिक हिंसा के साल भर में पांच घटनाएं आए सामने

लोहरदगा में हिंसा: 10 अप्रैल 2022 में रामनवमी के जुलूस पर पथराव लेकर दो समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी. इस हिंसा में एक की मौत हुई थी. जबकि करीब 12 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. हिंसा के बाद एक हफ्ते से ज्यादा वक्त तक जिले में धारा 144 लागू रही. पुलिस ने इस मामले में 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. रांची में हिंसा : बीजेपी प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ रांची में 10 जून 2022 में हिंसा भड़की थी. हिंसा में दो की मौत हुई थी. जबकि करीब 12 लोग घायल हुए थे.पुलिस ने इस मामले में कुल 18 केस दर्ज किए, जिसमें 22 नामजद सहित आठ-दस हजार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया. रांची में हिंसा की वजह से 10 दिनों तक धारा 144 लागू रहा. तीन दिन तक इंटरनेट सेवा भी बाधित रहा. पलामू हिंसा: पलामू के पांकी बाजार में एक मस्जिद के सामने महाशिवरात्रि को लेकर तोरण द्वार बनाया जा रहा था. स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए 14 फरवरी को थाना में शिकायत की. थाना प्रभारी ने तोरण द्वार बनाने के लिए जिला समिति से अनुमति लेने के लिए कहा. कुछ देर के लिए आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने यहीं पर हंगामा किया. 15 फरवरी की सुबह एक बार फिर कुछ लोग तोरण द्वार बनाने आए, जिस पर दो गुटों में झड़प हो गई. झड़प होने के बाद पत्थरबाजी हुई और फिर यह आगजनी में बदल गया. हिंसा में एसडीपीओ समेत सुरक्षाबल के 5 जवान भी घायल हो गए. साहिबगंज में पथराव: साहिबगंज शहरी क्षेत्र में बड़ी दुर्गा स्थान के पास कुली पाड़ा में एक अप्रैल की देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों में हिंसक झड़प हुई. इस दौरान झड़प में एसडीपीओ राजेंद्र दुबे समेत तीन पुलिस जवान पत्थर से घायल हो गये थे. इसके अलावा घायल होने वालों में तीन आम लोग भी शामिल थे. बताया जाता है कि प्रतिमा लेकर जाते समय दूसरे समुदाय के लोगों ने घर के छत से पत्थरबाजी की थी. देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया. नगर थाना पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था. रामनवमी जुलूस पर पथराव: पूर्वी सिंहभूम जिला के हल्दीपोखर में 31 मार्च को रामनवमी झंडा विसर्जन जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ. विजय बजरंग अखाड़ा का जुलूस जैसे ही हल्दीपोखर चौक पर पहुंचा. उसी दौरान एक समुदाय विशेष की ओर से पत्थरबाजी शुरु कर दी गई. इस दौरान भगदड़ में अखाड़ा का झंडा टूट गया. जिससे कमिटी के लोग उग्र हो गए और दोनों ओर से तनातनी बढ़ गई. एक समुदाय विशेष की ओर से की गई पत्थरबाजी में पोटका के अंचलाधिकारी इम्तियाज अहमद, हल्दीपोखर की मुखिया देवी कुमारी भूमिज समेत चार-पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद गुस्साए लोगों ने नारेबाजी शुरु कर दी थी. इसे भी पढ़ें - Breaking">https://lagatar.in/big-blow-to-suspended-ias-pooja-singhal-ed-court-rejects-discharge-petition/">Breaking

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