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वर्दी पहनते ही क्यों बदल जाती है जुबान, सेवा ही लक्ष्य का नारा और लोगों के लिए गालियां

Ranchi : सेवा ही लक्ष्य का नारा देने वाली झारखंड पुलिस के व्यवहार को लेकर हाल के दिनों में कई सवाल खड़े होने लगे हैं. क्या पुलिस की ट्रेनिंग में गाली देना सिखाया जाता है? क्या वर्दी पहनते ही कुछ अधिकारियों के लहजे में गर्मी आ जाती है? क्या बिना गाली दिए बात करना मुश्किल हो गया है? सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो में कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मी फरियादियों और आम नागरिकों से तीखी और आपत्तिजनक भाषा में बात करते सुनाई दे रहे हैं, लोगों का कहना है कि कई मामलों में फरियादी मदद की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें सख्त और कभी-कभी अभद्र भाषा का सामना करना पड़ता है.
 

Ranchi : सेवा ही लक्ष्य का नारा देने वाली झारखंड पुलिस के व्यवहार को लेकर हाल के दिनों में कई सवाल खड़े होने लगे हैं. क्या पुलिस की ट्रेनिंग में गाली देना सिखाया जाता है? क्या वर्दी पहनते ही कुछ अधिकारियों के लहजे में गर्मी आ जाती है? क्या बिना गाली दिए बात करना मुश्किल हो गया है?

 

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो में कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मी फरियादियों और आम नागरिकों से तीखी और आपत्तिजनक भाषा में बात करते सुनाई दे रहे हैं, लोगों का कहना है कि कई मामलों में फरियादी मदद की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें सख्त और कभी-कभी अभद्र भाषा का सामना करना पड़ता है.

 

बीते कुछ सालों में अलग-अलग जिलों से ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कथित रुप से गाली-गलौज करने के वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय जांच और कार्रवाई की बात भी हुई. लेकिन गालीबाज अफसर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. 

 

इधर, पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को शालीन और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. फरियादियों से सम्मानजनक तरीके से बातचीत करने और शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया है. मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

 

केस स्टडी -1 : 14 अप्रैल 2026 को साहिबगंज जिले के कोटालपोखर क्षेत्र में स्थानीय लोगों और थाना प्रभारी के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें थाना प्रभारी कथित तौर पर गाली-गलौज करते दिख रहे हैं. हालांकि अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

केस स्टडी - 2: 11 अप्रैल 2026 को बोकारो के चास थाना क्षेत्र में तैनात महिला थाना प्रभारी सुषमा कुमारी का एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें एक स्थानीय युवक से अभद्र भाषा में बात करने का आरोप लगा. इसके बाद बोकारो एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया.

केस स्टडी - 3: 3 अप्रैल 2026 को जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में एक दारोगा का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह लोगों को गाली देते नजर आए.फिलहाल इस मामले में कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

केस स्टडी - 4: मार्च 2026 में रामगढ़ (राजरप्पा) में श्रद्धालु से दुर्व्यवहार और मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद चार पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित किया.

केस स्टडी - 5: 19 दिसंबर 2025 को दुमका जिले के हंसडीहा थाना प्रभारी पर पत्रकार से दुर्व्यवहार और गाली-गलौज का आरोप लगा. शिकायत के बाद एसपी ने जांच कर उन्हें निलंबित कर दिया.

केस स्टडी - 6: 15 दिसंबर 2024 को रांची के सदर थाना में पदस्थापित दरोगा लक्ष्मीकांत का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें भीड़ के बीच अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा. मामले के संज्ञान में आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया.

केस स्टडी - 7: 22 जुलाई 2020 को साहिबगंज में तत्कालीन थानेदार हरीश पाठक का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक महिला से दुर्व्यवहार और गाली-गलौज का आरोप लगा.वीडियो सामने आने के बाद मामले में कार्रवाई करते हुए आपराधिक केस दर्ज किया गया.

इसी तरह जमशेदपुर, दुमका, रांची, गिरिडीह और पलामू समेत कई जिलों से समय-समय पर पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्र भाषा में बात करने के आरोप वाले वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं.कई मामलों में एसपी स्तर से लाइन हाजिर, तबादला या विभागीय जांच की कार्रवाई की गई.

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