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कोई क्यों जाए ऑक्सीजन पार्क ? ना पेड़, ना पौधे, ना बैठने की जगह, गंदा पानी व बदबूदार बाथरूम

 
Choudhary Rehan Ahmad Ranchi: सरकारी फंड उपलब्ध है. खर्च करना है. चलो कुछ नया बना देते हैं. ठेकेदार को लाभ होगा. अफसर के चेहरे भी चमकेंगे. बाद में वहां निर्मित भवन या पार्क किसी काम का रहे या ना रहे, भगवान भरोसे. आप एक बार मोरहाबादी मैदान स्थित आक्सीजन पार्क (अमर शहीद नीलांबर पीतांबर पार्क) चले जाईये, यही सब सोंचने को मजबूर हो जाएंगे.

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हम बताते हैं, ऑक्सीजन पार्क के हाल क्या हैं. एक बड़ा सा पानी का ओपन टैंक है. इसमें फव्वारा चलता था. अब बंद है. पानी गंदा है. टैंक के चारो तरफ का हिस्सा भी गंदा है, यहां पर आप बैठ तक नहीं सकते. जब ऑक्सीजन पार्क बनाया गया था, तब फव्वारे की खूबसुरती दिखती थी. 28 मार्च 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस पार्क का उद्घाटन किया था. इस पार्क में बड़ी संख्या में लोग घूमने व मनोरंजन के लिये पहुंचते थे. इस पार्क के फूल, पौधे, खेल का मैदान, तालाब, फौवारे, बहुत खूबसुरत थे. किंतु देख-रेख के आभाव में पार्क मोहक सुंदरता में कई कमियां देखने को मिली.

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पार्क में आने वाले लोगों के बैठने के लिए सीमेंट के बेंच बनाये गए थे. अधिकांश बेंच टूटने लगे हैं. एक-दो तो पूरी तरह जर्जर हो गए हैं. पार्क में घुमने आए लोगों की  सुविधा के लिये बाथरूम भी बनाया गया हैं. लेकिन बाथरूम देखने पता चलता है कि उसकी सफाई होती ही नहीं है.

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पार्क में बैडमिटंन खेलने के लिए नेट कोट भी बना है. वहां 16 लाइटे लगी थी. काम कर रहें एक कर्मचारी ने लगातार.इन को बताया कि यहां लगे 16 लाइटों में से अधिकांश लाइटें खराब पड़ी हैं. इस कारण अंधेरा होने पर यहां कुछ भी हो पाना संभव नहीं. पार्क की सफाई एवं पौधों की कटाई-छंटाई के लिए कर्मचारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं. कई कर्मचारी काम करते नजर भी आये. इसके बाद भी पार्क के अधिकांश पौधे सुख गए हैं. पानी के आभाव में घास भी मरने लगा है.
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