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नीमडीह प्रखंड में जंगली हाथियों का उत्पात फिर शुरू, दहशत में ग्रामीण

 
मुरू की ओर गया हाथियों का झुंड : वन क्षेत्र पदाधिकारी Lagatar Correspondent Chandil (Saraekela): ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात एक बार फिर शुरू हो गया है. हालांकि जंगली हाथी कई दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहे थे, लेकिन किसी प्रकार का अधिक नुकसान नहीं पहुंचा रहे थे. अब जंगली हाथियों का झुंड एक बार फिर से अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने लगा है. जंगली हाथियों के झुंड ने शनिवार की रात नीमडीह प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने अलग-अलग बंटकर रघुनाथपुर, दुमदुमी, सीधागोड़ा, रामनगर, अमड़ाबेड़ा, जामडीह, घाघरा समेत आसपास के क्षेत्र में मकान व दुकानों को क्षतिग्रस्त किया और अनाज व फसलों को अपना आहार बनाया. रघुनाथपुर में रात के करीब ढाई बजे अकेले पहुंचे हाथी ने करीब आधा दर्जन लोगों के दुकान व मकान पर धावा बोला.
  • भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्र में घुस रहे
  • रघुनाथपुर हाटतोला में बीज भंडार का धान खाया
  • निल मुदी के खपरैल मकान को क्षतिग्रस्त किया
  • मनोज स्टोर का शटर व शिल्पी स्टोर का ग्रील तोड़ा
  • प्रवीर महतो के पेड़ पर लगे कटहल खाए
जंगली हाथी ने रघुनाथपुर हाटतोला स्थित ललिता बीज भंडार का दरवाजा तोड़कर धान खाया, अनिल मुदी के खपरैल मकान को क्षतिग्रस्त किया, मनोज स्टोर का शटर और शिल्पी वैराइटी स्टोर के ग्रील को नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा प्रवीर महतो के पेड़ पर लगे कटहल को अपना आहार बनाया. हाथियों के झुंड ने कई लोगों के घर, दुकान, चहारदीवारी को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया है. लोगों ने बताया कि हाथियों के झुंड भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्र में घुस रहे हैं. ग्रामीणों ने अहले सुबह हाथियों को रामनगर तालाब के पास विचरण करते हुए देखा था. हाथियों के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने के बाद एक बार फिर ग्रामीण दहशत में है. उन्होंने जंगली हाथियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. जंगली हाथियों आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचकर उत्पात मचाए जाने के संबंध में चांडिल के वन क्षेत्र पदाधिकारी मैनेजर मिर्धा ने कहा कि हाथियों के झुंड के पहुंचने के बाद वन विभाग भी सक्रियता के साथ नजर बनाए हुए है. रात के वक्त हाथियों का झुंड मुरू की ओर रवाना हो गया था. उन्होंने बताया कि दिनभर में अगर हाथियों का झुंड आबादी से दूर जंगल क्षेत्र में नहीं जाता है तो वन विभाग हाथी भगाओ दस्ता लगाकर हाथियों को वापस जंगल पहुंचाने का काम करेगा. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों को जाने का रास्ता दें और उन्हें किसी प्रकार का चोट नहीं पहुंचाए. घायल होने पर हाथी उग्र हो जाते हैं और आक्रामक रूप अपना कर नुकसान पहुंचाते हैं.
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