Ramgarh : श्री सम्मेद शिखरजी "पारसनाथ पहाड़" को पर्यटन स्थल घोषित करने के बाद उत्पन्न विवाद थमने का नाम नही ले रहा है. जैन समुदाय के लोग लगातार इस फैसले के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. रामगढ़ जिला में ज्वलंत मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाने वाले नेता आरबीएसएस के केंद्रीय अध्यक्ष धनंजय कुमार पुटुस भी जैन समाज के समर्थन में खुल कर सामने आ गए हैं. गुरुवार को धनंजय कुमार पुटुस ने रामगढ़ डीसी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आवेदन देकर जैन समुदाय के हित में निर्णय लेने की मांग की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिए आवेदन में धनंजय कुमार पुटुस ने कहा है कि जैन धर्म को मानने वालों का एक पवित्र स्थल झारखंंड के गिरिडीह जिला में श्री सम्मेद शिखरजी ‘पारसनाथ पहाड़’ पर स्थित है. जैन धर्म को मानने वाले लोगों की यहांं गहरी धार्मिक आस्था है. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि, श्री सम्मेद शिखर जी ‘पारसनाथ पहाड़’ जैन धर्म के 20 तीर्थंकर भगवानों की मोक्ष स्थली है. हजारों वर्षों से जैन समुदाय के लोग शाकाहार का पालन करते हुये यहां अपने रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं. जैन समुदाय को बिना विश्वास में लिए श्री सम्मेद शिखर जी ‘पारस नाथ पहाड़’ को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित कर दिया गया है, जो कि सही नहीं है. अगर इस स्थल को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जायेगा, तो पर्यटकों द्वारा यहां मांस-मदिरा आदि का भी सेवन करने की पूर्ण संभवाना है, इससे जैन धर्म के लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी और पवित्र स्थल अपवित्र होगी. पुटुस ने श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन क्षेत्र ना बनाकर जैन समुदाय की धार्मिक स्थल रखने की मांग की है. पुटुस ने कहा है कि रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति के हजारों सदस्य जैन समुदाय के हित को देखते हुए उनकी धार्मिक आस्था के सम्मान में उन्हें न्याय दिलाने तक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगें. इसे भी पढ़ें : रामगढ़">https://lagatar.in/ramgarh-women-police-station-in-charge-arrested-red-handed-taking-bribe-acb-hazaribagh-took-action/">रामगढ़
महिला थाना प्रभारी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी हजारीबाग ने की कार्रवाई [wpse_comments_template]
जैन धर्म की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे : धनंजय कुमार पुटुस

Leave a Comment