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जनता के सहयोग से दुहराएंगे सुनहरा इतिहास : सुदेश महतो

 
Ramgarh :  आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो ने एनडीए की साझा प्रत्याशी सुनीता चौधरी के पक्ष में रामगढ़ विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया. जनता को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि रामगढ़ की जनता के चेहरे पर सुनहरे बदलाव की नई लकीर खींचने की बेचैनी दिख रही है. हेमंत राज में महिला, युवा, किसान, मजदूर, गरीब और आम जनमानस ठगा हुआ महसूस कर रहा है. झारखंडी जनभावना से जुड़े हर विषय को झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने तमाशा बना कर रख दिया है. जनमानस से जुड़े विषयों के हल में इनकी दिलचस्पी नहीं है. बल्कि विषयों का राजनीतिकरण कैसे हो, इसमें इनकी ज्यादा दिलचस्पी है. इसे भी पढ़ें: जल">https://lagatar.in/government-alert-regarding-water-crisis-instructions-to-urban-bodies-to-prepare-action-plan-in-a-week/">जल

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‘झूठ और लूट’ मॉडल को जनता समझ रही- सुदेश महतो

इनके "झूठ और लूट" मॉडल को अब जनता समझ गई है. हमने रामगढ़ को सजाया-संवारा है. रामगढ़ की बगिया को उजाड़ने वालों को रामगढ़ की जनता इस उपचुनाव में उखाड़ फेंकेगी. विज्ञापन और आश्वासन वाली सरकार की असलियत को जनता समझ चुकी. तीन साल में किसी भी गरीब को तीन लाख का आवास नहीं मिला. बेरोज़गारी भत्ता की बात को गौण कर दिया गया. संसाधनों का दोहन चरम पर है. सरकारी संरक्षण में ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल चल रहा. पांच लाख नौकरी की बात करने वाली सरकार पांच सौ युवाओं को भी नौकरी नहीं दे पाई. दुष्कर्म, हत्या और प्रताड़ना की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है. महिला सशक्तिकरण एवं विकास की गति धीमी पड़ गयी. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-man-commits-suicide-after-not-being-able-to-pay-bike-installment-middle-aged-man-hangs-himself-in-sonari/">जमशेदपुर

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भाषण नहीं, राशन चाहिए- सुदेश महतो

आजसू सुप्रीमो ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस वाले बिल्डिंग को अस्पताल बोलते हैं. हम पूछते हैं डॉक्टर कहां हैं, नर्स कहां हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं कहां हैं? इस पर वें चुप्पी साध लेते हैं. वो बोलते हैं कि हम लाखों लोगों को राशन दे रहे. हम पूछते हैं कि चार महीने से गरीबों को राशन क्यों नहीं मिला. इस पर वें चुप्पी साध लेते हैं. हमें और स्कूल नहीं चाहिए. हमें शिक्षक चाहिए, मूलभूत सुविधाएं चाहिए, बच्चों के लिए पोशाक चाहिए, हमें भाषण नहीं राशन चाहिए. [wpse_comments_template]
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