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शीतकालीन सत्र : हंगामे को लेकर विपक्ष एकजुट नहीं, टीएमसी चाहती है संसद चले, कांग्रेस के रुख से खुश नहीं

NewDelhi : संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ जाने से विपक्षी अलायंस में शामिल तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अलग रुख चौंकाने वाला है. जान लें कि गौतम अडानी प्रकरण पर विपक्षी सांसद हंगामा कर रहे हैं. कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस मामले में तृणमूल कांग्रेस नरम है. संसद सत्र के दौरान इंडिया गठबंधन में फूट नजर आने लगी है.

टीएमसी चाहती है कि संसद में कामकाज हो

बुधवार को पार्टी की बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा में नेता डेरेक ओ`ब्रायन ने पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी. कहा कि टीएमसी चाहती है कि संसद चले, जिससे लोगों से जुड़े मुद्दे उठाये जा सके. कहा कि अदानी मुद्दे को लेकर संसद में हो रहे व्यवधानों के कारण अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बाधित हो रही है. इस क्रम में लोकसभा सदस्य काकोलि घोष दस्तीदार ने कहा, टीएमसी चाहती है कि संसद में कामकाज हो. कहा कि हम नहीं चाहते कि कोई एक मुद्दा संसद को प्रभावित करे.

संसद चालू रख कर हम सरकार की विफलताओं को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं

संसद चालू रख कर हम इस सरकार की विफलताओं को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं. तृणमूल कांग्रेस की रणनीति कांग्रेस द्वारा सरकार पर किये जा रहे हमलों से अलग है. टीएमसी पश्चिम बंगाल के कुपोषण, बेरोजगारी, मणिपुर, पूर्वोत्तर की स्थिति, खाद्य सामग्री की कमी और अपराजिता (महिला सुरक्षा) बिल के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमलावर होना चाहती है. जान लें कि लोकसभा में विभिन्न दलों के सांसदों ने बुधवार को 18 अड़्जर्नमेंट मोशन नोटिस दिये हैं. कांग्रेस सांसदों ने नौ नोटिस अदानी मामले पर चर्चा के लिए दिये. अन्य विपक्षी दलों ने मणिपुर में हिंसा, दिल्ली में बढ़ते अपराधों और उत्तर प्रदेश के संभल में हाल की हिंसा पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिये हैं.  

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