Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विद्यार्थियों के सहयोग से विकासशील कार्यों को बढ़ावा मिलेगा : खूंटी DC

Advertisement
Advertisement
Khunti: समाहरणालय सभागार में बुधवार को जल संरक्षण एवं जल शक्ति अभियान को लेकर बैठक हुआ. बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार गृह विभाग के अपर सचिव प्रवीण वशिष्ठ ने की. बैठक में जल संरक्षण के कार्यों की समीक्षा की गयी. बता दें कि आज से तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम शुरू है. इसमें अपर सचिव के साथ जल शक्ति अभियान के तकनीकी पदाधिकारी अश्विन कुमार शामिल हैं. बैठक में पीपीटी के माध्यम से जल संरक्षण की जानकारी दी गयी. इसमें जल संरक्षण एवं वर्षा जल संग्रहण, तालाब एवं अन्य जल संग्रहण सरंचनाओं का जीर्णोद्धार और बोरवेल रीचार्ज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. इसके साथ ही जलछाजन विकास, पौधरोपण कार्य व ऊपरी टांड़ भूमि के उपचार के बारे में बताया गया. बैठक में बताया गया कि अधिक से अधिक वर्षा जल का संचयन और उसे बचाना, जियोटैगिंग और सूची बनाना, जल संरक्षण और WHS के लिए एक वैज्ञानिक योजना तैयार करना और जिले में जल शक्ति केंद्रों की स्थापना किया जाना है. डीडीसी ने बताया कि सोलर वाटर पंप के 21 स्कीम पूरे हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में कुल 403 डोभा, 599 वेल/डग्वेल और 104 नाला रेज्यूविनेशन बनाये गये हैं. इसे भी पढ़ें- ">https://lagatar.in/fourth-class-employees-of-rims-wrote-a-letter-to-the-governor-to-regularize-the-service/">

 सेवा नियमित करने के लिए रिम्स के चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों ने राज्यपाल को लिखा पत्र DC शशिरंजन ने कहा कि जिले के विकास में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने एवं नवाचार प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसमें आईआईटी के विद्यार्थियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया गया है. विद्यार्थियों के सहयोग से जिले में नवोन्मेषी और विकासशील कार्यों को बढ़ावा मिलेगा. प्रवीण वशिष्ठ ने कहा कि खूंटी जिले में जल संरक्षण व वर्षा के पानी को रोकना, पारंपरिक व अन्य जलस्रोतों का पुनरुद्धार, पानी का पुन: उपयोग व जलसंरचनाओं की रिचार्जिग और वॉटरशेड का विकास किये जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण हमारे जीवन का आधार है. हर व्यक्ति को जल संरक्षण की शुरुआत अपने घरों से करने की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें-  झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-villagers-are-calling-fortified-rice-plastic-rice-injurious-to-health-balram/">झारखंड

: फोर्टिफाइड चावल को ग्रामीण बता रहे प्लास्टिक चावल, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक : बलराम
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही