Search

 
 
 

इंटरपोल की मदद से CBI ने झारखंड पुलिस के वांटेड अपराधी सुनील मीणा को अजरबैजान से लाया भारत

झारखंड पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इस मामले को आगे बढ़ाया और इंटरपोल के माध्यम से 10 अक्टूबर 2024 को सुनील मीणा के खिलाफ एक रेड नोटिस जारी करवाया. रेड नोटिस विश्व भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित अपराधियों की तलाश में मदद करता है. इसके बाद सात जनवरी 2025 को राजनायिक माध्यमों से अजरबैजान के अधिकारियों को प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा गया. सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से लगातार फॉलोअप किया और अजरबैजान में सुनील मीणा की जियो लोकेशन का पता लगाया. आरोपी को वापस लाने के लिए झारखंड पुलिस की तीन सदस्यीय टीम 19 अगस्त को बाकू, अजरबैजान गई. यह टीम 23 अगस्त को सुनील कुमार के साथ अजरबैजान से CSMIA हवाई अड्डे, मुंबई पहुंची.
 

Ranchi :  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंटरपोल की मदद से झारखंड पुलिस के वांटेड अपराधी सुनील कुमार मीणा को अजरबैजान से भारत वापस लाने में सफलता पाई है. सीबीआई ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. बताया कि सीबीआई की अंतर्राष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (IPCU) ने एनसीबी-बाकू के साथ मिलकर सुनील मीणा की भारत वापसी में सहयोग किया है. 

 

इस मामले में थी पुलिस को तलाश

सुनील मीणा, जो मयंक सिंह के नाम से भी जाना जाता है, झारखंड के गैंगस्टर अमन साहू के गिरोह का सदस्य है. उस पर पतरातू के भदानीनगर थाना में FIR संख्या 175/2022 दर्ज है, जिसको लेकर झारखंड पुलिस उसकी तलाश कर रही थी.

 

उस पर व्यापारियों, कोयला ट्रांसपोर्टरों और रेलवे ठेकेदारों को व्हाट्सएप के जरिए धमकी भरे मैसेज भेजकर जबरन वसूली का आरोप है. इसके अलावा भारत के विभिन्न राज्यों में भी सुनील मीणा के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

 

सीबीआई ने अनुरोध पर मामले को आगे बढ़ाया 

झारखंड पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इस मामले को आगे बढ़ाया और इंटरपोल के माध्यम से 10 अक्टूबर 2024 को सुनील मीणा के खिलाफ एक रेड नोटिस जारी करवाया.

 

रेड नोटिस विश्व भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित अपराधियों की तलाश में मदद करता है. इसके बाद सात जनवरी 2025 को राजनायिक माध्यमों से अजरबैजान के अधिकारियों को प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा गया.

19 अगस्त को टीम और  23 को वापस लौटी टीम

सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से लगातार फॉलोअप किया और अजरबैजान में सुनील मीणा की जियो लोकेशन का पता लगाया. आरोपी को वापस लाने के लिए झारखंड पुलिस की तीन सदस्यीय टीम 19 अगस्त को बाकू, अजरबैजान गई. यह टीम 23 अगस्त को सुनील कुमार के साथ अजरबैजान से CSMIA हवाई अड्डे, मुंबई पहुंची.

 

100 से अधिक अपराधियों को विदेश से लाने में मिली मदद  

सीबीआई इंटरपोल चैनलों के माध्यम से भारत में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है. इससे ऐसे मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग संभव हो पाता है. बीते कुछ सालों में सीबीआई ने इंटरपोल के साथ मिलकर 100 से ज्यादा वांछित अपराधियों को विदेश से भारत वापस लाने में मदद की है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही