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दो महीने की मेहनत से शिल्पकारों ने तैयार की मां सरस्वती की आकर्षक मूर्तियां

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Piyush Gautam Ranchi : सरस्वती पूजा को लेकर शहर में तैयारी आखिरी चरण में है. पूजा को लेकर मूर्तिकार मां सरस्वती के विभिन्न रूपों को अंतिम रूप देने में जोर-शोर से जुटे हुए हैं. कोलकाता से आए कारीगर और मूर्तिकारों ने बताया कि मूर्ति बनाने के लिए वह पिछले दो महीने से शहर में डेरा डाले हुए हैं और दिन-रात एक कर मूर्तियों को तैयार करने में लगे हैं. प्रत्येक वर्ष की भांती इस वर्ष भी मूर्तियों की मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन इस बार परिस्थिति विपरित है. मांग में वृद्धि की बजाय कमी आयी है. इसे भी पढ़ें -प्रतुल">https://lagatar.in/pratul-shahdev-launched-booth-chale-hum-campaign-in-booth-number-288-of-hatia-assembly-constituency/">प्रतुल

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आकर्षक और दिव्य मूर्तियां बनकर तैयार

कचहरी रोड स्थित बिहार क्लब में मां सरस्वती की कुल 150 मनमोहक और दिव्य मूर्तियां बनकर तैयार हैं. चार मूर्तिकारों ने 60 दिनों से दिन-रात एक कर सभी मूर्तियां तैयार की है. कोलकाता के मूर्तिकार धनेश्वर पाल ने बताया कि 3 फीट से लेकर 9 फीट तक मां सरस्वती की कई आकर्षक मूर्तियां तैयार की गई है. अब तक 80 मूर्तियां बिक चुकी हैं. उम्मीद है बाकी मूर्तियां भी आने वाले दिनों में बिक जाएंगी. वहीं भारत माता चौक के समीप मूर्ति बना रहे कोलकाता के आनंद बाजार से आए कलाकार मनोज पाल ने भी कुछ ऐसी ही दास्तां बयां की. उन्होंने बताया कि बनाए गए कुल 70 मूर्तियों में से केवल 35 मूर्ति ही बिकी है. वहीं मूर्तियों के मूल्यों की बात करें तो बाजार में ढाई हजार से लेकर 16000 तक की मूर्ति उपलब्ध है.

मूर्तिकारों की पीड़ा

मूर्ति निर्माण में आई कठिनाइयों के बारे में कलाकारों ने अपनी व्यथा साझा की. उन्होंने बताया कि महंगाई की वजह से इस बार निर्माण में 25 प्रतिशत की आधिक लागत आई है. मां सरस्वती के श्रृंगार सामग्री जैसे साड़ी, कपड़ा, मुकुट और आभूणण का खर्च पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत बढ़ गया है. वहीं मिट्टी ढ़ुलाई की लागत भी पहले की तुलना में अधिक बढ़ गयी है.

शिल्पकारों को सरकार से मदद की उम्मीद

मूर्तिकार राजा राम ने बताया कि सरकार अगर शिल्पकारों को मूर्ति बनाने के लिए जगह मुहैया कराने के साथ आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन राशि जैसी मदद करे तो हम अपने साथ दो-चार और लोगों को जोड़ेंगे. इससे लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही, इससे हमारा काम-काज बढ़ेगा और इस शिल्प कला को बढ़ावा मिलेगा. इसे भी पढ़ें -बड़ी">https://lagatar.in/big-news-ranchi-police-action-in-jssc-paper-leak-case-three-persons-including-under-secretary-arrested/">बड़ी

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