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महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने का दिया निर्देश

Ramgarh :अक्षय तृतीया पर जिले में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए अग्रगति संस्था पूरी तरह से तैयार है. महिला एवं बाल विकास डब्ल्यूसीड विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह की प्रथा को देखते हुए इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठायें. अग्रगति के परियोजना पदाधिकारी किरण शंकर दत्त ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि वे इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में हरसंभव सहयोग करेंगे.

बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने होंगे

बताया गया कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अधिसूचना में अधिकारियों को पंचायत और ब्लॉक स्तरों पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. अधिसूचना में बाल विवाह को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए इसके तत्काल समाधान की आवश्यकता की बात कही गई है. साथ ही कहा गया है कि इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने होंगे. अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया  है कि तात्कालिक कदम के रूप में गांवों में जागरूकता अभियान आयोजित होने चाहिए और इस दौरान पंचायत प्रतिनिधि, सभी धर्मों के पुरोहितों और पुलिस अफसरों के साथ संपर्क करने और उन्हें जागरूक करने की जरूरत है. पत्र में सभी जिलाधिकारियों को आम जनता को जागरूक करने के लिए मीडिया के माध्यम से अभियान चलाने के अलावा पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों और बिना सूचना दिए स्कूल से नदारद चल रहे बच्चों की विद्यालय वार सूची तैयार करने के भी निर्देश दिया है.

संस्था जिला प्रशासन के साथ मिलकर करेगी काम  : किरण शंकर दत्त

अग्रगति ने राज्य सरकार की इस पहल को समर्थन दिया है.संस्था के किरण शंकर दत्त ने कहा कि अक्षय तृतीया बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील समय है. राज्य सरकार ने इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जो दृढ़ रुख अपनाया है. उससे हम आश्वस्त हैं कि हम राज्य से इस बुराई को उखाड़ फेंकने के अपने लक्ष्य में जल्द ही सफल होंगे. हम इन पहलों का स्वागत करते हैं और इस बुराई को उखाड़ फेंकने के लिए राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं.  संस्था जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम  करेगी. हम इन प्रयासों में पूरी तरह से सहयोग के लिए वचनबद्ध हैं. [wpse_comments_template]

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