महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं
महिला पुलिस या महिला समूह की समाज में बहुत बड़ी भूमिका होती है. आज महिलाएं, पुरूषों के साथ कई क्षेत्रों में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं. पुलिस की जिम्मेदारी भी अत्यंत संवेदनशील होती है. पुलिस को अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक और न्यायपूर्वक निर्वहन करना होता है. मेरा मानना है कि कभी कोई महिला उत्पीड़न की शिकायत को लेकर थाने पहुंचती है तो केस डायरी लिखने वाला व्यक्ति महिला क्यूं नहीं हो? महिला पुलिस का विभिन्न महिला हॉस्टल्स या महिला समूहों से भी लगातार संपर्क होना चाहिए, जिससे वे लोग अपनी बातें बेजिझक आपसे साझा कर सकें. हमारी पुलिस में महिला समूह ऐसे आगे बढ़े कि जहां आपकी संख्या 5-6% है, वो 50% तक पहुंच जाए. उसके लिए सरकार से जो मदद चाहिए होगी वो उपलब्ध होगी. हमलोगों की अगर नींव मजबूत होगी तभी हम आगे बढ़ पायेंगे. झारखंड पुलिस सशक्त होकर आगे बढ़े, यही हमारी सोच है. इसे भी पढ़ें - केरल">https://lagatar.in/kerala-high-court-said-landslide-in-wayanad-is-an-example-of-human-indifference-greed/">केरलहाईकोर्ट ने कहा, वायनाड में भूस्खलन मानवीय उदासीनता, लालच का उदाहरण… सहित राष्ट्रीय खबरें एक नजर में [wpse_comments_template]
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