Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

रांची: आदिवासी महिला समूह बनी मातृ शक्ति फुटबॉल टूर्नामेंट सीजन 5 की विजेता, मिले 20 हजार नगद

Ranchi: मोरहाबादी के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में शनिवार को मातृ शक्ति फुटबॉल टूर्नामेंट के पांचवें सीज़न का फाइनल मैच सम्पन्न हुआ. जिसमें बेड़ो की आदिवासी महिला समूह ने घुंसुली की ज्योति महिला क्लब को 1-0 से पराजित किया. वहीं तीसरे स्थान के लिए तुमना की महिला फुटबॉल क्लब टीम ने हटिया की सूर्योदय महिला टीम को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से पराजित किया. प्रतियोगिता में मदर ऑफ द सीरीज घुंसुली टीम की लिलोनी सांगा को मिला. गोलकीपर ऑफ द सीरीज आदिवासी महिला समूह की संगीता कुमारी को मिला. माताओं के लिए कैनरा बैंक की ओर से स्वास्थ्य किट भी दिया गया. जिसमें उनके स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए सामग्रियां थी. विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 20 हजार, दूसरे स्थान वाली टीम को 14 हजारा और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 8 हजार रुपया का चेक दिया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खेल निदेशक संदीप कुमार मौजूद थे. उन्होंने इस टूर्नामेंट को एक अनोखा टूर्नामेंट बताते हुए इसे और भी जिलों तक ले जाने का आह्वान किया. महिला सशक्तिकरण का एक बेहतर तरीका बताते हुए उन्होंने माताओं को जेएसएलपीएस जैसी संस्था के कार्यक्रमों से जोड़ने को कहा ताकि उनके जीवनयापन का भी इंतेज़ाम हो सके. अतिथि के रूप में मौजूद झारखंड उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष स्वर्ण शेखर प्रसाद ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बड़े स्तर पर ले जाने के लिए जोर दिया. मौके पर डिप्टी डायरेक्टर साझा राजकिशोर खाखा सहित प्रतिज्ञा फाउंडेशन के मेंबर और गोस्सनर कॉलेज के छात्रों ने वोलेंटियर्स की भूमिका निभाई.

32 टीम में 480 माताओं ने लिया भाग

इस प्रतियोगिता में 24 समुदायों से संबंधित 32 टीमें बनाने वाली कुल 480 माताएं इस वर्ष टूर्नामेंट में भाग लिया था. जिसमें अधिकतर महिलाएं जीवनयापन के लिए मजदूरी और खेतों में काम करती है. सभी ने काम के साथ खेल में भी बेहतर प्रदर्शन किया. प्रतिज्ञा झारखंड आधारित युवा संगठन है, जो शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा, युवा विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर झारखंड के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में काम करती है. टूर्नामेंट का उद्देश्य न केवल समुदाय की महिलाओं को फुटबॉल मैच खेलने के लिए आगे लाना था, बल्कि उन्हें सामाजिक मुद्दों के बारे में आवश्यक जानकारी देना भी था ताकि वे अपने परिवारों और समुदायों में अपना नेतृत्व स्थापित करने के लिए ज्ञान और कौशल प्राप्त कर सकें. इसे भी पढ़ें - ए">https://lagatar.in/uproar-in-lok-sabha-over-a-rajas-statement-that-nda-leaders-are-bad-elements-demand-for-apology/">ए

राजा के NDA नेता Bad Elements हैं वाले बयान पर लोस में बवाल, माफी की मांग
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही