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नारी शक्ति वंदन विधेयक 2023 सदन में पेश, लोस-विस की 33 फीसदी सीटें आरक्षित

NewDelhi :  महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक) लोकसभा में पेश कर दिया गया है. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे संसद में पेश किया. विधेयक के पेश होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया. हंगामे के बीच अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अटल जी के कार्यकाल में कई बार महिला आरक्षण अधिनियम विधेयक पेश किया गया. लेकिन आंकड़े नहीं जुटा पाने के कारण उनका यह सपना आधूरा रह गया.

दिल्ली विधानसभा में भी महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीट आरक्षित 

महिला आरक्षण अधिनियम विधेयक के तहत विधानसभा की 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इसके अलावा लोकसभा में भी महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा. यानी 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जायेंगी. साथ ही दिल्ली विधानसभा में भी महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा. इस अधिनियम के लागू होने के 15 साल बाद महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण समाप्त हो जायेगा. विधेयक में प्रस्तावित है कि प्रत्येक आम चुनाव के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट किया जाना चाहिए. आरक्षित सीटें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन द्वारा आवंटित की जा सकती है.

अधीर रंजन के बयान पर संसद में पहले दिन हंगामा

अधीर रंजन चौधरी ने संसद में कहा कि हिंदुत्व की चर्चा तो होती है, क्या हम `हिंदीत्व` पर आ जायेंगे?` उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष (भाजपा) के सांसदों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे. स्पीकर ओम बिड़ला सहित कई सदस्य ने उन्हें बैठने को कहा. साथ ही अधीर रंजन को अपनी बात खत्न करने को कहा. ओम बिड़ला कहते रहे कि आज का दिन महिला आरक्षण के लिए है. इसलिए बाकी बातें बाद में रखियेगा. इसके बावजूद अधीर रंजन चौधरी ने अपनी बात जारी रखी. [wpse_comments_template]

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