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वीमेंस यूनिवर्सिटी जमशेदपुर में भी लटक सकता है वीसी नियुक्ति का मामला, बिना वीसी के एडमिशन प्रक्रिया सवालों के घेरे में

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Jamshedpur : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी अपने अस्तित्व में आने के पहले ही सवालों के घेरे में है. यहां पहले वाइस चांसलर की नियुक्ति का मामला फिलहाल अटकता दिख रहा है. ऐसे में राजभवन की ओर से चांसलर पोर्टल से वीमेंस यूनिवर्सिटी के नाम पर यूजी में लिए जा रहे नामांकन की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है.

चार यूनिवर्सिटी के वीसी की एक साथ होनी थी घोषणा

पिछले महीने 10 जुलाई को राजभवन की ओर से झारखंड के चार विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए जाने की अधिसूचना जारी की गई थी. इनमें रांची विश्वविद्यालय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय धनबाद और वींमेंस यूनिवर्सिटी जमशेदपुर शामिल हैं. राज्यपाल द्वारा गठित सर्च कमिटी को ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के आधार पर चारों विश्वविद्यालय में नए वीसी के नाम फाइनल करने थे. 27 जुलाई तक आवेदन मंगाए गए थे. उम्मीद की जा रही थी कि सर्च कमिटी की अनुशंसा के आधार पर अगस्त के अंत तक कुलपति के नामों की घोषणा कर दी जाएगी. लेकिन 29 अगस्त को राजभवन के अंडर सेक्रेट्री की ओर से कोयलांचल विश्वविद्यालय में वीसी का प्रभाव हजारीबाग डीसी को दिए जाने की अधिसूचना जारी की गई. डीसी हजारीबाग को इस पद पर तब तक बना रहने कहा गया है जब तक नए नियमित कुलपति की घोषणा नहीं कर दी जाती. गौरतलब है कि कोयलांचल विश्वविद्यालय के वर्तमान वीसी प्रो अंजनी कुमार श्रीवास्तव का कार्यकाल 31 अगस्त यानी आज खत्म हो रहा है. राजभवन के इस अधिसूचना से यह साफ है कि चारों विश्वविद्यालय में वीसी की नियुक्ति की प्रक्रिया में अभी और वक्त लग सकता है. ऐसी स्थिति में वीमेंस यूनिवर्सिटी जमशेदपुर के वीसी की नियुक्ति का मामला भी फिलहाल टलता दिख रहा है.

बिना वीसी नियुक्ति के एडमिशन प्रक्रिया से असमंजस

वीमेंस यूनिवर्सिटी जमशेदपुर में बिना पहले कुलपति की नियुक्ति के चांसलर पोर्टल के जरिए विश्वविद्यालय के तौर पर यूजी नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. ऐसी स्थिति में इस नामांकन प्रक्रिया पर ही सवाल उठ रहे हैं. वीमेंस यूनिवर्सिटी जो कि वर्तमान में जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज ही है, कि वेबसाइट पर यह नोटिस दिया जा रहा है कि एडमिशन प्रक्रिया के तहत छात्राएं ऑनलाइन फॉर्म तो भर सकती हैं, लेकिन पेमेंट 17 के बाद ही करने को कहा गया है. हालांकि यह 17 तारीख किस महीने की है इसका जिक्र भी नहीं किया गया है. इस सूचना में तकनीकी परेशानी का हवाला दिया गया है, लेकिन सिर्फ पेमेंट के लिए तकनीकी परेशानी चांसलर पोर्टल पर जारी नामांकन प्रक्रिया के किसी अन्य विश्वविद्यालय के लिए नहीं आ रही है. सूत्रों के अनुसार, कहा जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि बिना वीसी नियुक्ति के वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी जा सकती है. ऐसे में यह मामला कितना लंबा खिंचेगा यह कहा नहीं जा सकता. फिलहाल नामांकन के लिए आवेदन दे रही छात्राएं इसे लेकर सशंकित हैं.

राजभवन से जाने के 2 दिन पहले द्रौपदी मुर्मू ने जारी की थी अधिसूचना

झारखंड की निवर्तमान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने अपने कार्यकाल खत्म होने के सिर्फ दो दिन पहले इन चारों विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए जाने संबंधी अधिसूचना जारी की थी. यह अधिसूचना 10 जुलाई को जारी की गई और द्रौपदी मुर्मू का राज्यपाल के तौर पर कार्यकाल 12 जुलाई को समाप्त हुआ. साथ ही अधिसूचना में 10 जुलाई को 65 साल के उम्र तक के लोगों को आवेदन के योग्य माना गया था. वीमेंस यूनिवर्सिटी जमशेदपुर के वीसी के लिए आवेदन करनेवालों में कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति और जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की पूर्व प्राचार्य शुक्ला मोहंती भी शामिल हैं, उनकी 65 साल की आयु 13 जुलाई को पूरी हो रही थी. [wpse_comments_template]

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