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प्रोत्साहन राशि देने के नाम पर ऑनलाइन कराया काम, अबतक नहीं हुआ भुगतान, 600 जलसहियाओं का भड़का आक्रोश

Pramod Upadhyay Hazaribagh : हजारीबाग जिले में इन दिनों जल सहिया का आक्रोश परवान चढ़ा है. उनका गुस्सा इसलिए भी लाजिमी माना जा रहा है कि जिस तरह से उनके छह माह की आयी हुई प्रोत्साहन राशि मार्च क्लोजिंग कह लौटा दी गई, अब उनका घर कैसे चलेगा. दरअसल उनका कहना है कि पूर्व में सरकार का निर्देश था कि ऑनलाइन सहिया काम करेंगी, तो उन्हें प्रत्येक महीना काम के अनुसार राशि दी जाएगी. इसमें छह माह में लगभग 6500 रुपए का भुगतान एक सहिया को करना था. जिले में 1200 में आधी 600 सहिया ने ऑनलाइन काम किया. इस संबंध में जल सहिया संघ की अध्यक्ष सपना कुमारी ने बताया कि पहले ऑनलाइन काम के नाम पर प्रोत्साहन राशि देने की बात कही गई. जब भुगतान की बारी आयी, तो मार्च क्लोजिंग की बात कह राशि लौटा दी गई, लेकिन प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया. पहले पिछले तीन वर्ष का मानदेय नहीं मिला और शौचालय बनवाने के बाद प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया. अब सरकार ने ऑनलाइन काम का भी भुगतान लटका दिया. यह राशि 25 मार्च को देने की बात कही गई थी और 31 मार्च को क्लोजिंग होनी थी. लेकिन 25 मार्च को भुगतान नहीं हुआ और एक 31 मार्च को क्लोजिंग करते हुए उन लोगों की प्रोत्साहन राशि सरकार के खाते में भेज दी गई. उन लोगों की स्थिति दयनीय है. चूंकि पहले से ही काफी कम मानदेय पर काम कराया जाता रहा. फिर तीन साल से मानदेय नहीं मिला और अब प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया. ऐसे में घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.

जिला समन्वयक पर दुर्व्यवहार करने का लगाया आरोप

जलसहिया ने जिला समन्वयक विश्वनाथ सोनी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. ऐसे में आक्रोशित जिले की 1200 जलसहिया 28 अप्रैल को नगर भवन में होनेवाले कार्यक्रम में निदेशक से लिखित शिकायत करने की बात कही है. जिलाध्यक्ष सपना शर्मा और जिला सचिव जयंती कुमारी के साथ प्रखंड अध्यक्ष अनुसूलेख देवी, अनीता देवी, रंजू देवी, पूनम देवी, संगीता देवी, रचना सिंह सहित कई जल सहिया ने यह भी कहा है कि एक सप्ताह के अंदर प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगी. वहीं पीएचडी में तालाबंदी करने की भी चेतावनी दी है.

महिलाएं गलत आरोप लगा रही हैं : समन्वयक

जिला समन्वयक विश्वनाथ सोनी ने कहा कि महिलाएं गलत आरोप लगा रही हैं. उनसे कभी मुलाकात भी नहीं हुई है. विभाग से उन्हें जो दायित्व दिया गया था, उन्होंने उनकी उपस्थिति दर्ज करवा दी थी. कई जलसहिया का भुगतान भी कर दिया गया है. कुछ जलसहिया अपना वर्चस्व बनाना चाह रही हैं, इसलिए वह आरोप लगा रही हैं. वह चाहती है कि जिले में सभी जलसहिया को गुमराह करके रखें और अपने वर्चस्व को कायम रखें. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी जलसहिया बिना काम किए हुए मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि लेना चाहती हैं. पंचायत में फोन से बात कर वह काम करना चाहती हैं. वह सीधे-सादे भोले-भाले ग्रामीणों से सौ रुपए ठगने का काम करती हैं. जब वह इसका विरोध करते हैं, तो उन पर ही उल्टा आरोप लगा रही हैं. इसे भी पढ़ें : यह">https://lagatar.in/this-is-not-a-fight-between-gandhi-and-godse-but-between-rahul-and-congress-avinash-pandey/">यह

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