- स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ परिचर्चा
बालू मक्खी के काटने से होता है कालाजार
बन्ना ने कहा कि कालाजार रोग संक्रमित बालू मक्खी के काटने से होता है और यह मक्खी कच्चे मकानों की अंदरुनी सतहों, नमी वाले स्थानों पर रहती हैं. इसीलिए हम सब जनप्रतिनिधियों को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अपने क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वालों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करना होगा. साथ ही ऐसे सभी लोगों के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत पक्के मकानों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. साथ ही हर घर में दवा छिड़काव कार्य को पूरा करवाने पर जोर दिया जाए, जिससे कालाजार रोग फैलाने वाली बालू मक्खी का खात्मा किया जा सके.जनप्रतिनिधियों को भी आना होगा आगे : बादल पत्रलेख
कार्यक्रम में उपस्थित राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार द्वारा साल में एक बार मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जाता है. इसमें लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं, स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा अपने सामने खिलवायी जाती है. अगर प्रत्येक एमडीए कार्यक्रम के प्रारंभ होने पर जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में स्वयं फाइलेरिया रोधी दवाएं खाएं, तो समुदाय में इस कार्यक्रम के प्रति लोग और अधिक संवेदनशील होंगे.समन्वय बनाकर काम करने की जरूरत
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि फाइलेरिया और कालाजार के उन्मूलन कि लिए राज्य स्तर से ग्राम स्तर तक समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है. इस अवसर पर फाइलेरिया और कालाजार रोगों से प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि राजमहल सांसद विजय कुमार हाांसदा, गोड्डा विधायक अमित कुमार मंडल, लातेहार विधायक बैद्यनाथ राम, बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम, बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह और अन्य सहयोगी संस्थाओं विश्व स्वास्थ्य सगठन, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल, केयर और ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-congress-ministers-rameshwar-banna-and-badal-can-be-changed/">झारखंड: बदले जा सकते हैं कांग्रेस के मंत्री रामेश्वर, बन्ना और बादल [wpse_comments_template]
Leave a Comment