दो सौ करोड़ रुपये का हिसाब दे प्रबंधन
वहीं संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रबंधन को पिछले एक साल में लगभग दो सौ करोड़ रुपये मिले हैं. इसके बावजूद एचईसी कर्मियों का सात माह एवं अधिकारियों का ग्यारह माह का वेतन भुगतान नहीं किया गया. प्रबंधन बताये कि यह पैसा किस मद में खर्च किया गया. उसे इसका हिसाब देना चाहिए. एचईसी के इतिहास में ऐसा निकम्मा प्रबंधन आज तक नहीं आया, जिसके कारण ही एचईसी गर्त में जा रहा है.ऑर्डर लाने एवं उत्पादन बढ़ाने में असमर्थ साबित हो रहा प्रबंधन
सचिव विकास तिवारी ने कहा कि प्रबंधन पिछले 3 साल से कारखाने में ऑर्डर लाने एवं उत्पादन तेज करवाने में असमर्थ साबित हो रहा है. सिर्फ कमीशन के चलते बाहर की कंपनियों से काम करवा कर अधिक से अधिक कमीशन वसूल रहा है. साथ ही पुराने वेंडरो को बुलाकर पेमेंट किया जा रहा है. प्रबंधन यह सब काम बंद करे और कारखाने में उत्पादन पर ध्यान दे. तिवारी ने कहा कि हम मजदूरों को जागना होगा और इस प्रबंधन के खिलाफ आवाज को और मजबूती से बुलंद करना होगा. सभी मजदूर साथी 29 अप्रैल को संध्या 5:00 बजे एचईसी मुख्यालय के समक्ष अपने हक व अधिकार के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे. इसे भी पढ़ें - रघुवर">https://lagatar.in/raghuvars-letter-to-amit-shah-demands-a-cbi-inquiry-into-the-rape-of-two-tribal-girls-at-khushi-rainbow-home/">रघुवरकी अमित शाह को चिट्ठी, खुशी रेनबो होम में दो आदिवासी बच्चियों से दुष्कर्म की CBI जांच की मांग [wpse_comments_template]

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