- बिचौलियों की सक्रियता के कारण ग्रामीणों को नहीं मिल रहा वन उत्पाद का लाभ
- कृषि एवं वनोपज का समयवार डाटाबेस तैयार करने का निर्देश
- ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सरकार का जोर
alt="" width="1280" height="641" /> कार्यशाला में मौजूद पदाधिकारीगण[/caption] इसे पढ़ें- जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-57-schemes-worth-6-69-crores-will-change-surat-of-western-visa-banna-gupta-laid-the-foundation-stone/">जमशेदपुर
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बिचौलिये वन उत्पादों को कम दाम में खरीदकर बाजार में अधिक मूल्य पर बेच रहे
उन्होंने कहा कि कृषि उपज के अलावा इमली, महुआ, साल, बीज, पत्ते, लाह, करंज, चिरौंजी सहित कई प्रकार के अन्य वनोत्पाद हैं, जिसका उचित मूल्य वहां के ग्रामीणों को नहीं मिल पाता. बिचौलिये इसे कम दाम में खरीदकर बाजार में अधिक मूल्य पर बेच रहे हैं. ग्रामीणों को इन उत्पादों का सही मूल्य मिले, उनके जीवनस्तर में सुधार आ सके, इसके लिए हमें सुदृढ़ व्यवस्था बनाकर कार्य करना है. संजीव कुमार ने कार्यशाला में आये सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारी एवं जिला सहकारिता पदाधिकारियों से संस्थान द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी ली. इसे भी पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-07-october-including-many-news-and-videos/">शामकी न्यूज डायरी।।07 अक्टूबर।।रांची पहुंचे क्रिकेट खिलाड़ी,खेलप्रेमी उत्साहित।।बिना ओबीसी आरक्षण नगर निकाय चुनाव।।लोकपाल मुद्दे पर शिबू सोरेन को नोटिस।।12 अक्टूबर से ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम।।बेलारूस के एलेस को शांति नोबेल पुरस्कार।।भारत बनेगा मेडिकल हब।।समेत कई खबरें और वीडियो।।

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