Ranchi : रांची यूनिवर्सिटी के स्नातकोत्तर विभाग की ओर से बुधवार को शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन के लिए शोध पत्र कैसे तैयार किया जाये, विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का आयोजन सेंट्रल फॉर सोशल एंड एंवायरमेंटल रिसर्च, रांची और ग्रीन मैजिक इनिशिएटिव, रांची के द्वारा किया गया. शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन के लिए शोध पत्र कैसे लिखा जाए इसकी बारीकी बतायी गई. साथ ही शोध से जुड़े कई जरूरी बातों पर भी चर्चा की गई. कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वेसरैया विश्वविद्यालय मैसूर के प्रो. डॉ. जी. पांडुरंगा मूर्ति उपस्थित रहें. इस कार्यशाला में सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका, रांची विश्वविद्यालयय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के बॉटनी के पीएचडी स्कॉलर मौजूद रहे.
शोधार्थियों का शोध अच्छे जरनल में प्रकाशित हो : डॉ प्रशेनजीत मुखर्जी
रांची विश्वविद्यालय के बॉटनी के प्रोफेशर डॉ. प्रशेनजीत मुखर्जी ने कहा कि आप अच्छे से शोध करें. ताकि आपका शोध अच्छे जरनल में प्रकाशित हो सके.
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का केसरिया कलाकंद और बड़हिया का रसगुल्ला नहीं खाए तो खाए क्या अमूल्या कुमारी ने कहा...
शोधार्थी अमूल्या कुमारी ने बताया कि हम हमारा शोध, शोध पत्रिका में प्रकाशित कैसे हो, कैसे लिखा जाये कि शोध बेहतर हो इसका तरीका सीखने आये हैं. ताकि हमारा शोध जरनल में प्रकाशित हो और हमें पीएचडी की उपाधि मिल सके. साथ ही हमारा भविष्य उज्जवल हो सके. [wpse_comments_template]
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