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बीआईटी मेसरा में SSR योजना के तहत कार्यशाला का आयोजन

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा के फार्मेसी विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यशाला एएनआरएफ, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित साइंटिफिक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (SSR) योजना के तहत आयोजित की गई.
 

Ranchi : बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा के फार्मेसी विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यशाला एएनआरएफ, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित साइंटिफिक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (SSR) योजना के तहत आयोजित की गई.

 

इसमें यबीएन यूनिवर्सिटी, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, झारखंड राय यूनिवर्सिटी, डीएमबीएच इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, अरका जैन यूनिवर्सिटी सहित कई संस्थानों के फैकल्टी सदस्य शामिल हुए. कुल 25 फैकल्टी को एसएसआर में शामिल किया गया है जिनमें रांची और झारखंड के अन्य शहरों के प्रतिभागी भी शामिल हैं.

 

कार्यशाला में एनडीएमए अशुद्धियों पर चर्चा की गई जो पानी, मांस, डेयरी प्रोडक्ट, सब्जियां और कुछ दवाओं में भी पाई जाती हैं और कैंसर का कारण बनती हैं. साथ ही उनके परीक्षण और पहचान की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई. इसमें ड्रग डिलीवरी और मॉलेक्यूलर बायोलॉजी तकनीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ.

 

कार्यशाला में दो वक्ताओं ने व्याख्यान दिया. डॉ राजीव स्वाइन, इंस्टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंस भुवनेश्वर. उन्होंने बताया कि किस प्रकार जेब्रा फिश मॉडल का उपयोग चिकित्सा परीक्षणों में किया जा सकता है. उन्होंने PPT स्क्रीनिंग के माध्यम से यह समझाया कि इंसानों पर परीक्षण से पहले जेब्रा फिश पर मेडिकल टेस्ट किए जा सकते हैं. इसके अलावा उन्होंने जीनोम एडिटिंग तकनीक पर भी जानकारी दी.

 

दूसरे वक्ता डॉ अभिमन्यु देव ने फैकल्टी सदस्यों को विभिन्न मॉलेक्यूलर बायोलॉजी तकनीकों जैसे अगरोज जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस, PCR (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन), थर्मल साइक्लर पीसीआर मशीन और जेल डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम के माध्यम से डीएनए विजुअलाइजेशन के बारे में विस्तार से बताया.

 

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