- स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की जरूरत
- राज्य के प्राइवेट अस्पतालों को रक्तदान शिविर लगाने की आवश्यकता
Ranchi : विश्व रक्तदान दिवस हर साल 14 जून को मनाया जाता
है. विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस दिन को रक्तदान दिवस के रूप में घोषित किया गया
है. वर्ष 2004 में स्थापित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने और रक्तदाताओं को रक्तदान करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना
है. बता दें कि झारखंड में वित्तीय वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 3,20,294 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो राज्य गठन के बाद अब तक किए गए रक्त संग्रह में सर्वाधिक
है. झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति
(जेसेक्स) ने इसकी पुष्टि की
है. जेसेक्स के अनुसार हर साल राज्य में 3.50 लाख यूनिट (कुल आबादी की 1 फीसदी) खून की जरूरत होती
है. लेकिन अब तक राज्य लक्ष्य के इतना करीब नहीं पहुंच पाया
था. हर साल 1.5 से 1.75 लाख यूनिट खून कम
संग्रहित हो पाता
था. हालांकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में लक्ष्य से 29706 यूनिट खून कम
संग्रहित हुआ
है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य में कुल 218154 यूनिट रक्त संग्रह किया गया
था. जबकि वर्ष 2021-22 में 257878 और वर्ष 2022-23 में 320294 यूनिट रक्त संग्रह किया
गया. स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की जरूरत - अतुल गेरा
लाइफ सेवर्स के अतुल
गेरा ने
जेसेक्स द्वारा जारी रक्तदान के
आंकड़े पर सवाल उठाया
है. कहा कि साल 2022-23 में जिस रिकार्ड रक्तदान की बात की जा रही है, क्या यह स्वैच्छिक रक्तदान
है? वैसे लोगों ने रक्तदान किया है, जिन्हें खून की जरूरत होती है और वे खुद डोनर लेकर अस्पताल आते हैं, तो फिर ये कैसा रिकार्ड
है? साथ ही उन्होंने सवाल किया है कि राज्य के निजी अस्पतालों ने साल में कितनी बार रक्तदान शिविर का आयोजन किया है, यह जानकारी भी
जेसेक्स को देनी
चाहिए. [wpse_comments_template]
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