पर्यटकों को डिजिटली महान सेनानियों से कराया गया रूबरू
alt="" width="1156" height="867" /> फोटो एग्जिबिश में भारत के विश्व विरासत स्थलों और स्मारकों के फोटो को प्रदर्शित किया गया. एग्जिबिशन में उपस्थित छात्राओं, अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संकल्प लिया. इसके अतिरिक्त आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत डिजिटल माध्यम से भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों से पर्यटकों को रूबरू कराया गया. इसे भी पढ़े : सिमडेगा">https://lagatar.in/simdega-four-people-including-two-women-arrested-with-44-kg-of-ganja/">सिमडेगा
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झारखंड में 13 राष्ट्रीय और 3 राज्य संरक्षित स्मारक: शिव भगत
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण रांची मंडल के प्रमुख शिव कुमार भगत ने बताया कि विश्व विरासत दिवस मनाने का उद्देश्य अपनी विरासत के प्रति जन जागरूकता पैदा करना है. इस समय करीब 1150 विश्व विरासत स्थल हैं. इनमें से 40 भारत में स्थित हैं. झारखंड में 13 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक और 3 राज्य संरक्षित स्मारक हैं. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-time-of-schools-changed-from-today-parents-breathed-a-sigh-of-relief/">जमशेदपुर:आज से बदला स्कूलों का समय, अभिभावकों ने ली राहत की सांस
20 अप्रैल को रांची यूनिवर्सिटी के 60 छात्र जायेंगे विरासत यात्रा में
बता दें कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने एक क्यूआर कोड जारी किया है. जिसे बेनीसागर के अतिरिक्त झारखंड के सभी राष्ट्रीय संरक्षित स्मारकों पर लगाया गया है. 20 अप्रैल को महल एवं मंदिर समूह नवरतनगढ़ में विरासत यात्रा होने वाली है. रांची विश्वविद्यालय के 60 छात्र इसमें भाग लेंगे. इस अवसर पर विरासत पर केंद्रित संवाद भी आयोजित किया जायेगा.प्राचीन सरोवर और मंदिर के अवशेष का स्थल बेनीसागर
[caption id="attachment_292131" align="aligncenter" width="1000"]alt="" width="1000" height="450" /> बेनी सागर के पुरास्थल[/caption] चाईबासा के दक्षिण में लगभग 85 किमी और मझगांव से लगभग 17 किमी पर बेनीसागर है. यह उड़ीसा के मयूरभंज जिले की सीमा के करीब है. यह स्थल 5वीं शताब्दी ईस्वी से 16वीं-17वीं शताब्दी ईस्वी तक बसा हुआ था. यहां मिले शिलालेख में ब्राह्मी लिपि से संस्कृत में लिखी इबारत है. शिव भगत ने बताया कि इस एतिहासिक स्थल पर एक 300 x 340 वर्ग मीटर का प्राचीन सरोवर है. वहीं घने साल दरख्तों के बीच प्रारंभिक मध्यकाल के अनेक मंदिरों के अवशेष हैं.
खुदाई में बेनीसागर से पंचायतन मंदिर के मिले थे अवशेष
alt="" width="600" height="400" /> भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण रांची सर्कल की तरफ से 2009-10 में बेनीसागर खुदाई करायी गयी थी. खुदाई में कई पंचायतन मंदिर के अवशेष मिले थे. इसके अलावा अग्नि, गणेश, महिषासुरमर्दनी, सूर्य, ब्रह्म सिरोछेदक, भैरव और लकुलिसा की मूर्तियों के टुकड़े और शिवलिंग मिले थे. इसे भी पढ़े : त्रिकुट">https://lagatar.in/jharkhand-news-trikut-ropeway-accident-financial-assistance-of-5-lakhs-given-to-the-relatives-of-the-deceased-on-the-instructions-of-cm/">त्रिकुट
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