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कमरों की खिड़की के बाहर दिखेंगे गहरे अंतरिक्ष
alt="" width="1200" height="675" /> ऑर्बिटल असेंबली कॉर्प का कहना है कि पायनियर स्टेशन में 28 लोग रह सकेंगे. यह 2025 तक चालू हो जायेगा. जबकि वोयेजर स्टेशन में 400 लोग रह पायेंगे. इसकी शुरुआत 2027 तक हो जायेगी. स्पेस स्टेशन के भीतर मौजूद कमरों से बाहर देखने पर आपको पृथ्वी के होटलों जैसा नजारा नहीं दिखेगा. आप खिड़की के बाहर गहरे अंतरिक्ष को देख पायेंगे. स्पेस स्टेशन पर जाना आपको किसी साइंट फिक्शन जैसा लगेगा.
स्पेस स्टेशन में ऑफिस के साथ टूरिस्ट भी होंगे
alt="" width="1200" height="674" /> कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा स्पेस `बिजनेस पार्क` बनाना है, जिसमें ऑफिस भी होंगे और टूरिस्ट भी. ऑर्बिटल असेंबली कॉर्प (OAC) के COO टिम अलातोरे (Tim Alatorre) का कहना है कि हमारा लक्ष्य अंतरिक्ष को एक ऐसा डेस्टिनेशन बनाना है जिसे देखने के लिए लोग तरसें, यहां गुरुत्वाकर्षण भी होगा.
दुनिया का पहला हाइब्रिड स्पेस स्टेशन बना रहा ओएसी
alt="" width="1200" height="675" /> ओएसी काम और घूमने के लिए दुनिया का पहला हाइब्रिड स्पेस स्टेशन बना रहा है. वे कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण (Artificial gravity) की सुविधा भी देंगे, जिससे वहां आने वाले मेहमान सामान्य तौर पर काम कर सकेंगे, घूम सकेंगे और खेल सकेंगे. जैसा वे पृथ्वी पर करते हैं. लेकिन, फिलहाल ये तकनीक स्पेस स्टेशनों पर उपलब्ध नहीं है.
टूरिज्म के लिए कम्यूनिकेशन हब भी होगा उपलब्ध
alt="" width="1200" height="675" /> इन स्पेस पार्क के व्यावसायीकरण में इटीग्रेटेड सर्किट, फोटोनिक्स, फाइबर ऑप्टिक्स, सैटेलाइट रीवर्क, मिलिट्री एप्लिकेशन्स, बायोमैटीरियल्स, ऑर्गन ग्रोथ और फार्मास्यूटिकल्स का निर्माण शामिल होगा. इसके अलावा, कंपनी स्पेस टूरिज्म के लिए कम्यूनिकेशन हब भी उपलब्ध करायेगी. टिम अलातोरे का कहना है कि हम अपने पायनियर और वोयेजर स्पेस स्टेशनों को ईकोटूरिज्म पर्यटन स्थलों के रूप में देखते हैं. [wpse_comments_template]

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