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Indian Olympic Association (IOA) is having a committee for sexual harassment, instead of going to the streets they (protesting wrestlers) could have come to us earlier but they didn`t come to IOA. It isn`t good for Sports not only for wrestlers, they should also have some… pic.twitter.com/EaeHQOE4rI
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— ANI (@ANI) April">https://twitter.com/ANI/status/1651559304477155329?ref_src=twsrc%5Etfw">April
27, 2023
We heard wrestlers for 12 hours & formed a committee, we also want an impartial probe, there were 14 meetings that were conducted. Everybody was given an opportunity to keep their point of view in front of an oversight committee. FIR can be registered at any PS: Union Sports… pic.twitter.com/AjUhhWzX6g
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— ANI (@ANI) April">https://twitter.com/ANI/status/1651544118236180480?ref_src=twsrc%5Etfw">April
27, 2023
कुश्ती महासंघ के कामकाज के संचालन के लिए तदर्थ समिति का गठन
पीटी उषा ने आईओए की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, पहलवानों का सड़क पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है. इससे भारत की छवि खराब हो रही है. कहा कि आईओए ने कुश्ती महासंघ के कामकाज के संचालन के लिए चुनाव होने तक एक तदर्थ समिति का गठन किया है, जिसमें पूर्व निशानेबाज सुमा शिरूर, भारतीय वुशू संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा और उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत न्यायाधीश हैं जिनका नाम अभी तय नहीं हुआ है. साथ ही कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ में यौन उत्पीड़न के लिए एक समिति बनी हुई है, सड़कों पर जाने के बजाय विरोध करने वाले पहलवान पहले हमारे पास आ सकते थे लेकिन वे IOA में नहीं आये. यह खेलों के लिए अच्छा नहीं है. उनमें कुछ अनुशासन भी होना चाहिए.केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का बयान भी आया
इससे पहले केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना और एक कमेटी बनाई, हम भी निष्पक्ष जांच चाहते हैं, कहा कि 14 बैठकें हुईं. सभी को एक oversight committee के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया था. कहा कि किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है. उन्होंने कहा कि समिति के प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव थे. तब तक एक ad-hoc कमेटी का गठन किया जाना चाहिए. एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन भी होना चाहिए.
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