Xi Jinping secures unprecedented third term as China`s leader
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23, 2022
केंद्रीय समिति की बैठक में 25 सदस्यीय पॉलिटिकल ब्यूरो को चुना गया
पार्टी में नंबर दो के नेता एवं प्रधानमंत्री ली क्विंग समेत अधिकतर वरिष्ठ नेता या तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या वे केंद्रीय समिति में जगह नहीं बना पाये हैं, जिसके कारण चीन की राजनीति एवं सरकार में बड़ी उथल-पुथल हुई. पांच साल में एक बार होने वाले महासम्मेलन में केंद्रीय समिति की बैठक में रविवार को 25 सदस्यीय पॉलिटिकल ब्यूरो को चुना गया, इस पोलित ब्यूरो ने स्टैंडिंग कमेटी के 7 सदस्यों को चुना. इन 7 सदस्यों ने ही तीसरी बार जिनपिंग को कम्युनिस्ट पार्टी का जनरल सेक्रेटरी चुन लिया. जिनफिंग महासचिव चुने जाने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित स्थायी समिति के साथ यहां रविवार को मीडिया के समक्ष आये.हू जिंताओ ने 2012 में शांतिपूर्ण तरीके से जिनपिंग को सत्ता सौंपी थी
इससे पहले शनिवार को 20वीं कांग्रेस की बैठक के बाद शी जिनपिंग ने बयान दिया था. बयान में उन्होंने चीन के लोगों से कहा था कि वे संघर्ष के साथ जीतने की हिम्मत रखें. अपने परेशानियों को किनारे रखकर कड़ी मेहनत करें और आगे बढ़ने के लिए दृढ़ रहें. उन्होंने कहा था कि लोगों को तूफानों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. जिस बैठक में जिनपिंग को CCP की कमान तीसरी बार सौंपी गयी, उसमें चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ भी मौजूद थे. दरअसल, 79 साल के हू जिंताओ ने 2012 में शांतिपूर्ण तरीके से जिनपिंग को सत्ता सौंपी थी.
चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि तब उनकी तबीयत काफी खराब थी. कार्यक्रम में COVID-19 का प्रबंधन अच्छी तरह से करने के लिए शी जिनपिंग की तारीफ की गयी. यह प्रस्ताव भी लाया गया कि चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है और इसलिए ताइवान की स्वतंत्रता का हमेशा विरोध किया जायेगा. बता दें कि 20वीं कांग्रेस से पहले बीजिंग में सड़कों पर जिनपिंग के विरोध में बैनर भी देखे गये.
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