Jamshedpur : एक्सएलआरआइ में कॉरपोरेट प्रोग्राम व वर्चुअल इंटरएक्टिव लर्निंग प्रोग्राम के 20वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. शनिवार को आयोजित इस दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आइडीएफसी बैंक के सीएमओ सह आइडीएफसी फाउंडेशन के पूर्व सीइओ व ग्रुप सीएचआरओ डॉ एनएस राजन उपस्थित थे. इस दौरान वर्चुअल इंटरएक्टिव लर्निंग (वीआइएल) प्रोग्राम के दो बैच के कुल 562 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट व मेडल प्रदान की गयी. मौके पर एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर पॉल फर्नांडीस एसजे के साथ ही डीन एडमिन फादर डोनाल्ड डीसिल्वा, डीन एकेडमिक्स प्रो. आशीष कुमार पाणी समेत कई अन्य प्रोफेसर व छात्र-छात्राएं मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : बिहारः">https://lagatar.in/bihar-excise-department-constable-returning-after-raid-shot-dead/">बिहारः
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/DR-N-S-RAJAN-360x180.jpg"
alt="" width="360" height="180" /> आइडीएफसी बैंक के सीएमओ सह आइडीएफसी फाउंडेशन के पूर्व सीइओ व ग्रुप सीएचआरओ डॉ एनएस राजन ने कहा कि वे भी एक्सएलआरआइ के पूर्व छात्र रह चुके हैं. वे 1983 बैच के स्टूडेंट थे. उन्होंने संस्थान में बिताये अपने अनुभवों को साझा किया. उन्होंने कहा कि कोविड काल के बाद पूरी शिक्षा व्यवस्था वर्चुअल मोड पर शिफ्ट हुई. लेकिन एक्सएलआरआइ ने दो दशक पूर्व ही इसकी शुरुआत की थी. एक्सएलआरआइ को वर्चुअल एजुकेशन का अग्रदूत करार दिया. उन्होंने कहा कि जीवन में लचीला बनो. संकट का मुकाबला करने में साहस और दृढ़ विश्वास दिखाएं. जब आप सफल हो जाते हैं तो उसे समाज को वापस करें, ताकि कोई वंचित भी सफल हो सके. डॉ राजन ने कहा कि अपने अज्ञानता को जानना ही ज्ञान की ओर पहला कदम है. उन्होंने पासआउट होने वाले सभी विद्यार्थियों को कहा कि अपनी टीम का समर्थन करें, उनके ज्ञान का निर्माण करें. आपका चरित्र मूल्यों पर बना है और यह हमारे आचरण और व्यवहार में परिलक्षित होता है. डॉ राजन ने कहा कि माता-पिता, परिवार और शिक्षकों द्वारा आपके जीवन के मूल्यों को आकार दिया जाता है. दूसरों के लिए एक रोल मॉडल बनने का आह्वान किया. [wpse_comments_template]
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प्रोफेशनल लीडर बनें, लेकिन जीवन में संतुलन हमेशा बनाये रखें : डायरेक्टर
दीक्षांत समारोह में एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर पॉल एसजे ने कहा कि यह देखना सुखद अनुभव है कि आपने कोविड के दो साल के कठिन दौर के बाद भी बेहतर तरीके से अपने कोर्स को पूरा किया. साथ ही विभिन्न कंपनियों में बड़े पदों पर अब आप नये सिरे से अपनी सेवाएं देने की शुरुआत करने जा रहे हैं. उन्होंने संस्थान से विदाई ले रहे सभी विद्यार्थियों को कहा कि प्रोफेशनल लीडर बनें, लेकिन पर्सनल व प्रोफेशनल जीवन में हमेशा संतुलन बनाये रखें. नैतिक मूल्यों के साथ ही सामाजिक अखंडता व पर्यावरण संरक्षण को हमेशा सर्वोपरी उद्देश्य मानें. फादर पॉल फर्नांडीस ने कहा कि सच्चे व्यक्ति बनें, साथ ही दुनिया को नेविगेट करते समय जवाबदेह बनने का आह्वान किया. इसे भी पढ़ें : इमरान">https://lagatar.in/case-registered-against-imran-khan-can-be-arrested-at-any-time/">इमरानखान पर मामला दर्ज, किसी भी वक्त हो सकते हैं गिरफ्तार!
पैशन, एक्जीक्यूशन और परफेक्शन ही आपको लक्ष्य तक पहुंचायेगा
alt="" width="360" height="180" /> आइडीएफसी बैंक के सीएमओ सह आइडीएफसी फाउंडेशन के पूर्व सीइओ व ग्रुप सीएचआरओ डॉ एनएस राजन ने कहा कि वे भी एक्सएलआरआइ के पूर्व छात्र रह चुके हैं. वे 1983 बैच के स्टूडेंट थे. उन्होंने संस्थान में बिताये अपने अनुभवों को साझा किया. उन्होंने कहा कि कोविड काल के बाद पूरी शिक्षा व्यवस्था वर्चुअल मोड पर शिफ्ट हुई. लेकिन एक्सएलआरआइ ने दो दशक पूर्व ही इसकी शुरुआत की थी. एक्सएलआरआइ को वर्चुअल एजुकेशन का अग्रदूत करार दिया. उन्होंने कहा कि जीवन में लचीला बनो. संकट का मुकाबला करने में साहस और दृढ़ विश्वास दिखाएं. जब आप सफल हो जाते हैं तो उसे समाज को वापस करें, ताकि कोई वंचित भी सफल हो सके. डॉ राजन ने कहा कि अपने अज्ञानता को जानना ही ज्ञान की ओर पहला कदम है. उन्होंने पासआउट होने वाले सभी विद्यार्थियों को कहा कि अपनी टीम का समर्थन करें, उनके ज्ञान का निर्माण करें. आपका चरित्र मूल्यों पर बना है और यह हमारे आचरण और व्यवहार में परिलक्षित होता है. डॉ राजन ने कहा कि माता-पिता, परिवार और शिक्षकों द्वारा आपके जीवन के मूल्यों को आकार दिया जाता है. दूसरों के लिए एक रोल मॉडल बनने का आह्वान किया. [wpse_comments_template]
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