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नौकरशाहों और नेताओं के संरक्षण से शराब, जमीन और बालू के कारोबार को कंट्रोल कर रहा था योगेंद्र तिवारी

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ईडी करेगा आठ दिनों तक पूछताछ, कोर्ट से मिली इजाजत
Vinit Abha Upadhyay
Ranchi : झारखंड शराब घोटाला के आरोपी शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी से ईडी आठ दिनों तक पूछताछ करेगा. कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है. योगेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किए जाने के बाद शुक्रवार को रांची PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार किया था. उन पर शराब घोटाला के जरिए अवैध कमाई करने और मनी लाउंड्रिंग का आरोप है. इस मामले में ईडी ने बीते 23 अगस्त को 34 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इन ठिकानों में योगेंद्र तिवारी के देवघर स्थित होटल सिद्धार्थ के सामने स्थित गोदाम, बंपास टाउन स्थित डॉ राजीव पांडेय अस्पताल के पास स्थित आवास, हरमू हाउसिंग कॉलोनी के डी-2 स्थित मेसर्स संथाल परगना बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और जामताड़ा के दो ठिकाने शामिल हैं.

कारोबार में अपने कर्मचारियों के नाम का इस्तेमाल

ईडी ने योगेंद्र को रिमांड पर लेने के लिए जो वजहें बताई हैं, उसमें इस बात का जिक्र है कि योगेंद्र तिवारी ने अपने कई कर्मचारियों के नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाए और उसका संचालन वह खुद करते थे. यही नहीं योगेंद्र तिवारी बालू के अवैध कारोबार और शराब का कारोबार के लिए अपने कर्मचारियों के नाम का इस्तेमाल करते थे. अपने कर्मचारियों का नाम उसने अपने पार्टनर के रूप में दिखाया, लेकिन कारोबार का पूरा कंट्रोल अपने पास रखा. अवैध खनन एवं लैंड स्कैम के आरोपी प्रेम प्रकाश के साथ मिलकर योगेंद्र तिवारी ने वर्ष 2021 में झारखंड में उच्च पद पर बैठे नौकरशाहों और नेताओं की मदद से शराब के व्यवसाय का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया. ईडी ने इस संबंध में संथाल परगना के अलग अलग जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज एक दर्जन से ज्यादा प्राथमिकी को एक साथ लेकर मामला (कांड संख्या ECIR/RNZO/09/2022) दर्ज किया है.

देवघर के टाउन थाना में दर्ज मामले में 25 लोग आरोपी

ईडी ने देवघर जिले के टाउन थाना में दर्ज जिस कांड संख्या 342/2022 को टेकअप किया है, उसमें कुल 25 लोग आरोपी बनाए गए हैं. इनमें विवेक मिश्रा, संजय कुमार पांडे, लूटन सिंह, मुनाम संजय, योगेंद्र तिवारी, अभिषेक आनंद झा, रौशन कुमार सिंह, बृज मोहन सिंह, गोपाल प्रसाद, अभिनेष बरनवाल, अरुण शाह, अमरनाथ टेकरीवाल, आरती रॉय चौधरी, भगवती कोनार, उर्मिला रॉय, सुभाष साहा, स्नेह चांदनी, अर्पणा, निवेदिता कुमारी, राजेश रंजन, सीमा देवी, लल्लन पांडेय, ज्ञानी मिश्रा, इंदू मिश्रा, महामाया देवी समेत अन्य आधा दर्जन लोगों के नाम शामिल हैं. इनके खिलाफ IPC की धारा 419 , 420, 467, 468, 471, 379, 427, 120 (B) और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
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