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पुलिस हिरासत में युवक मौत मामला : पांच साल बाद परिजनों को मिलेगा मुआवजा

Ranchi : लालपुर थाने की हाजत में 12 मई 2017 को विकास लकड़ा नाम के युवक की मौत हो गई थी. युवक के मौत होने के पांच साल बार उसकी पत्नी को पांच लाख रूपया का मुआवजा मिलेगा. इसको लेकर सरकार के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने रांची डीसी को निर्देश दिया है. निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा के आलोक में पुलिस हिरासत में मृत विकास लकड़ा की पत्नी प्रीति लकड़ा को पांच लाख रूपया की आर्थिक सहायता का भुगतान किया जाये. इसे भी पढ़ें - पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-did-shri-ganesh-for-employment-fair-distributed-appointment-letters-10-lakh-government-jobs-in-a-year/">पीएम

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सीआईडी ने दी थी पुलिस को क्लीनचिट

पुलिस हिरासत में विकास लकड़ा मौत के मामले में सीआईडी ने सितंबर 2020 में रांची पुलिस को क्लीन चिट दी थी. 12 मई 2017 को लालपुर थाने के हाजत में चोरी के आरोपी विकास लकड़ा ने आत्महत्या कर ली थी. युवक की मौत के बाद परिजनों ने लालपुर पुलिस पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया था. सीआईडी के तत्कालीन एडीजी अनिल पालटा ने इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट की समीक्षा की, जिसके बाद रांची पुलिस को जांच में क्लीन चिट दी गई थी. केस की समीक्षा में एडीजी सीआईडी ने यह तथ्य पाया कि चोरी के आरोप में पकड़े जाने के बाद युवक को थाने लाया गया था.थाने में हाजत में रखे कंबल से युवक ने फांसी लगा ली थी. फॉरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी युवक के द्वारा खुदकुशी करने की पुष्टि हुई,हालांकि सीआईडी एडीजी ने रांची पुलिस से पूछा है की घटना के वक्त थाने में पहरा ड्यूटी पर किसकी तैनाती थी.साथ ही थाने में तैनात किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लापरवाही को लेकर कार्रवाई हुई है या नहीं. इसे भी पढ़ें - धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-on-dhanteras-broom-with-gold-and-silver-also-dominates/">धनबाद

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