Ranchi : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि धरती आबा बिरसा मुंडा के सपने साकार करने की जिम्मेदारी हर एक झारखंडी पर है. लेकिन इसकी अगुवाई युवा पीढ़ी करे. बिरसा मुंडा के विचारों को उनके साहस, संघर्ष को आत्मसात करना ही नेक और अटूट श्रद्धांजलि होगी.उक्त बातें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कोकर, रांची स्थित भगवान बिरसा के समाधि स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के पश्चात कही.उन्होंने कहा कि झारखंड कोई स्वाभाविक राज्य नहीं है. एक लंबी लड़ाई लड़कर इसे हासिल किया गया है. जिन विषयों और उद्देश्यों के साथ झारखंड का गठन हुआ, उसे पुनर्स्थापित करने का वक़्त आ गया है. हमें हर हाल में यह सुनिश्चित करना होगा कि झारखंड एवं झारखंडियों का परिचय स्थापित रहे, अमिट रहे. इसे भी पढ़ें-राधा">https://lagatar.in/kalash-yatra-taken-out-on-the-occasion-of-consecration-of-the-idol-of-radha-krishna/">राधा
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हमने क्या हासिल किया इस पर ईमानदारी से विचार मंथन होना चाहिए
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं की पार्टी है और बिरसा मुंडा के उलगुलान एवं उनके सपने नए आकार लें, इसके लिए संकल्पबद्ध हैं. इसी सोच के साथ आज बिरसा मुंडा जयंती को आजसू पार्टी ‘उलगुलान दिवस’ के रुप में मना रही है.उन्होंने कहा कि आज का दिन झारखंड के लिए बेहद अहम है. 15 नवंबर 2000 को अलग राज्य का गठन हुआ था. झारखंड 22वें बरस में दाखिल हो रहा है. 21 साल में हमने क्या हासिल किया है, इस पर भी ईमानदारी से विचार मंथन होना चाहिए. सत्ता और सिस्टम को भी वे तमाम जवाबदेही तय करनी होगी, जिससे बिरसा के संघर्षों और सपनों को नए आयाम मिले. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/pain-of-jharkhand-agitators-in-the-fight-for-a-separate-state-the-family-forgot-now-the-government-has-forgotten/">झारखंडआंदोलनकारियों का दर्द : अलग राज्य की लड़ाई में घर-परिवार भूला, अब सरकार ने भुला दिया
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