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पंडरा बाजार में सुविधा शून्य, किराया बढ़ा दिया 120 फीसदी

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कादो-कीचड़ में अंधेरे में चलते हैं व्यापारी, घर से लाते हैं पीने का पानी Amit Kumar Ranchi : राजधानी का सबसे बड़ा मंडी पंडरा बाजार, जहां रोजाना हजारों टन चावल, दाल, गेहूं, तेल सहित आलू- प्याज के अलावा अन्य खाद्य वस्तुओं की सप्लाई होती है, वहां के व्यापारा सुविधा विहीन हैं. सड़कें, चापानल, स्ट्रीट लाइट मरम्मत के अभाव में बेकार हो गये हैं. खाली पड़े जगहों पर पानी जमने से तालाब जैसी स्थिति है. कहीं गंदगी का अंबार लगा हुआ है, तो बड़े-बड़े वाहनों की आवाजाही से कादो-कीचड़ की स्थिति बन गई है.यहां तक कि पिछले 25 साल में एक भी चापाकल की मरम्मत नहीं करायी जा सकी है. जिसके चलते यहां के व्यापारी रोजाना अपने-अपने घर से पीने का पानी लाते हैं. बावजूद इसके कृषि उत्पादन बाजार समिति रांची द्वारा उनके गोदामों व दुकानों का मासिक किराया 120 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. जबकि इस किराया वृद्धि का बोझ कहीं न कहीं आम लोगों को उठाना पड़ सकता है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/pandra-1-272x181.jpg"

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सभी सड़कों काफी पुरानी तथा टूटी- फूटी

लगभग 65 एकड़ में फैले इस यार्ड में दो बड़े मंडी है. इसके लिए सीमेंटेड सड़कें बनी हुई हैं. लेकिन भारी वाहनों के आवागमन से सभी सड़कें टूट चुकी हैं. इन सड़कों को देखते ही आभास होता है कि दशकों से इनकी मरम्मत नहीं हुई है. जगह-जगह पर सड़क के बीच में गड्ढे बन गये हैं, जिसमें बारिश का पानी जमा रहता है. इससे छोटे-बड़े वाहनों के आवाजाही में काफी परेशानी होती है.

कुल 125 स्ट्रीट लाइट, सिर्फ चार यलो लाइट जलती है

शाम होते ही सभी दुकानों एवं गोदामों में लाइट तो जलती है, लेकिन सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट गुल रहती है. मुख्य मार्ग में सिर्फ चार यलो लाइट को छोड़ कर यार्ड की 125 से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं.

25 वर्षों से खराब पड़े हैं सभी चापानल

दोनों मंडी मिलाकर कुल 13 चापानल लगे हुए हैं. सभी चापानल खराब हैं. इनकी मरम्मत पिछले 25 सालों से नहीं हुई है. सभी व्यापारी पीने का पानी अपने-अपने घरों से लेकर आते हैं. अन्य कार्यों के लिए पानी बाजार से मंगाना पड़ता है.

सुविधा दे, तभी किराया बढ़ाये : समिति के अध्यक्ष संजय मोहरी

किराया दर में वृद्धि नियमानुसार हो, तो वह उचित प्रतीत होता है. लेकिन अचानक से 120% की वृद्धि समझ से परे है. वह भी तब, जब बाजार में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं दी गई है. सीधी सी बात है, अगर कोई सुविधा देता है और जायज तरीके से उचित दर पर भाड़े में वृद्धि करता है, तो समझ में आता है.

इस वृद्धि से बाजार की स्थिति को सुधारा जा सकेगा- प्रभारी विपणन सचिव उत्तम कुमार

यह वृद्धि मौजूदा हालात को देखते हुए किया गया है. 11 रुपए स्क्वायर फीट की दर काफी कम है. अन्य बाजारों में गोदाम के लिए 25 से 30 रुपए स्क्वायर फीट चल रहा है. इस वृद्धि से बाजार की स्थिति को सुधारा जा सकेगा. भाड़ा वृद्धि के बाद प्राप्त आय से सड़क, बिजली, पानी, गोडाउन आदि की मरम्मत संभव हो सकेगी. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/ranchi-dc-reviewed-the-health-department-gave-many-instructions/">रांची

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