Ranchi : राज अस्पताल के डॉक्टर रविश रंजन ने एक साल की बच्ची के पेट से बिना चीर-फाड़ के जिप लॉक निकाला. बीती शाम के करीब 5 बजे बच्ची खेल-खेल में जिप लॉक निगल गई थी. बच्ची को असहनीय दर्द हो रहा था, वह बार-बार रो रही थी. परिजनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था, उसे हुआ क्या है और वह क्यों इतना रो रही है. बच्ची के माता-पिता आनन-फानन में उसे लेकर एक नजदीकी क्लिनिक पहुंचे. वहां एक्स-रे करने पर पता चला कि बच्ची के खाने की नली में जिप लॉक फंसा हुआ है. फिर रात के 9 बजे राज अस्पताल से संपर्क किया. जहां डॉक्टर रविश रंजन ने बच्ची का इलाज शुरू किया. डॉक्टर रविश रंजन (DNB - गैस्ट्रोएंटरोलॉजी) ने कुशलता एवं दक्षता से बच्ची के पेट से बिना किसी चीर-फाड़ के एंडोस्कोपी के द्वारा कपड़े के चैन का लॉक (ज़िप लॉक) को बाहर निकाला. अब बच्ची स्वस्थ है. [caption id="attachment_519752" align="alignleft" width="215"]
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alt="जिप लॉक " width="215" height="269" /> जिप लॉक[/caption]
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alt="जिप लॉक " width="215" height="269" /> जिप लॉक[/caption]
डॉक्टर रविश ने बताया कैसे निकाला
डॉक्टर रविश रंजन ने बताया कि एक साल के बच्चों में सामान्यतः एंडोस्कोपी द्वारा कोई भी बाह्य वस्तु को बाहर निकालना तकनीकी तौर पर बहुत ही चुनौती भरा होता है. इसमें काफी दक्षता और निपुणता की जरूरत होती है. क्योंकि इतने छोटे बच्चों में खाने की नली बहुत ही पतली होती है और कई बार स्कोप के द्वारा चैन की लॉक जैसी नुकीली चीज को निकालने के दौरान उसमें क्षति होने का खतरा रहता है. रात में 9-9:30 बजे के लगभग बच्ची को अनेस्थिसिया देने के बाद एंडोस्कोपी द्वारा उसके पेट से जिप लॉक को निकाला गया, जो की तकनीकी तौर पर बहुत ही चुनौतीपूर्ण था. लेकिन 10 से 15 मिनट में प्रोसीजर को कम्पलीट कर लिया गया, जिसके बाद बच्ची को होश आया तो वो आराम से खाना पीना खा रही थी और रोना बंद कर चुकी थी. इस प्रोसीजर में अनेस्थेसिस्ट डॉक्टर जयवंत , तकनीशियन संदीप, राकेश आदि लोगों का काफी सराहनीय योगदान रहा. डॉक्टर रविश ने बताया कि राज अस्पताल में पेट, आंत, लिवर एवं पैंक्रियास के इलाज के लिए अत्याधुनिक एंडोस्कोपी मशीन, उन्नत तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है. इसे भी पढ़ें : TPC">https://lagatar.in/police-encounter-with-tpc-regional-commander-assav-ganjhu-squad-militants-gathered-to-carry-out-major-incident/">TPCरिजनल कमांडर आक्रमण गंझू दस्ते के साथ पुलिस की मुठभेड़, बड़ी घटना को अंजाम देने जुटे थे उग्रवादी [wpse_comments_template]
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