Latehar: जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी शेरेगढ़ा की असरीता कुमारी का हालचाल लेने अस्पताल पहुंची. बता दें कि असरीता रांची के एक निजी अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती हुई थी. परिजनों का आरोप है कि इलाज के अभाव में असरीता के जुड़वां बच्चे पेट में ही मर गये. पैसे के अभाव में अस्पताल प्रबंधन ने उसका इलाज करने से मना कर दिया था. यह खबर सुन कर जिप उपाध्यक्ष उपायुक्त, रांची से इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया था. सोशल मीडिया प्लेटफार्म में यह खबर प्रसारित होने के बाद उपायुक्त, रांची के निर्देश पर सिविल सर्जन रांची के द्वारा डीपीएम सदर हॉस्पिटल रांची प्रवीण सिंह एवं डीडीएम संजय तिवारी को मरीज का जायजा लेने और बिल का भुगतान नहीं करने पर इलाज नहीं करने की जांच के लिए अस्पताल भेजा गया था. जांच टीम से जिप उपाध्यक्ष ने सारी जानकारी ली. जिप उपाध्यक्ष ने भी चिकित्सकों को असरीता का इलाज करने की बात कही. उन्होंने कहा कि अगर असरीता के इलाज में लापरवाही की गयी तो अस्पताल व चिकित्सकों पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने चिकित्स्कों को कहा कि चिकित्सक को इश्वर का स्वरूप माना जाता है. इस पेशे को बदनाम नहीं करें. जिप उपाध्यक्ष ने असरीता के परिजनों से मिलकर उनका हालचाल लिया. मरीज की बहन पिंकी कुमारी ने बताया कि किस प्रकार अस्पताल प्रबंधन अपना मनमानी कर रहा है. रुपया नहीं देने पर इलाज नहीं कर रहा है और उनकी बहन की हालत दिनों दिन गंभीर होती जा रही है. पेट में एक-एक करके दोनों बच्चे मर गए. उन्होंने बताया कि 80 हजार रुपये अब तक जमा कराये जा चुके हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन डेढ़ लाख रुपये और मांग रहा है. इसे भी पढ़ें - संसद">https://lagatar.in/winter-session-uproar-over-adani-soros-issue-again-today-lok-sabha-rajya-sabha-adjourned/">संसद
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