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हजारीबाग के 10 शिक्षक बढ़ा चुके हैं मान, मिल चुका है राष्ट्रपति सम्मान

 
Amarnath Pathak Hazaribagh: शिक्षा के प्रति जज्बा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से हजारीबाग के 10 शिक्षकों ने राज्य का मान बढ़ाया है. इन शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. झारखंड बनने के पहले हिन्दू हाईस्कूल के शिक्षक बद्री प्रसाद और ज्ञानेश्वर नाथ श्रीवास्तव को राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था. वहीं बिहार से अलग होने के बाद झारखंड के आठ शिक्षकों ने जिले को गौरवान्वित किया है. इनमें चुरचू स्थित मिडिल स्कूल के शिक्षक विजय कुमार को वर्ष 2004 में राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था. उन्होंने मधुशाला को पाठशाला में तब्दील कर दिया था. जहां मिडिल स्कूल बासाडीह है, वहां पहले असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था. लोग शराब और गांजा का सेवन करते थे. शिक्षक विजय कुमार की पोस्टिंग जब वहां हुई, तो उन्होंने गांधीवादी कदमों का अनुसरण करते हुए असामाजिक तत्वों के लोगों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और फिर पूरा माहौल बदल गया. वर्ष 2008 में बरही स्थित मिडिल स्कूल बेंदगी के शिक्षक इशो सिंह ने भी वहां शिक्षा की ऐसी अनोखी लौ फैलाई कि वह दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणा बन गई. इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया. सेवानिवृत्ति के बाद आज वह बरही अनुमंडल के बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. खासकर वे बालिकाओं की शिक्षा को लेकर वह हमेशा प्रयासरत रहते हैं. वे पेंशनरों की समस्याओं को निबटाने, पर्यावरण के प्रति जागरुकता फैलाने और ओल्ड एज होम व अनाथाश्रम के बच्चों की सेवा में भी लगे रहते हैं. बरही हजारीधमना के कृषक परिवार के शिक्षक इशो सिंह 21वें झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी विधानसभा सभागार में सम्मानित हो चुके हैं. इसे भी पढ़ें– रांची:">https://lagatar.in/ranchi-cid-will-now-investigate-the-badgai-land-scam-hemant-soren-instructed/">रांची:

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वहीं वर्ष 2010 में हाईस्कूल चौपारण के शिक्षक डॉ बालेश्वर राम, वर्ष 2014 में इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिका सीमा कुमारी, वर्ष 2015 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुगुरा इचाक और वर्ष 2016 में इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिका डॉ माया साहू (अब दिवंगत ) को भी राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. हजारीबाग में प्राइवेट स्कूलों की श्रेणी में एकमात्र डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य अशोक कुमार को भी राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करने का गौरव प्राप्त है. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक इशो सिंह कहते हैं कि बच्चों को स्नेह और प्यार से पढ़ाने की जरूरत है. कभी भी नौनिहालों पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाएं. उनकी अभिरूचि के अनुसार ही उन्हें आगे पढ़ने दें. शिक्षकों को अपनी भूमिका ईमानदारी और समर्पित भाव से निभाने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें– आर्थिक">https://lagatar.in/good-news-on-the-economic-front-india-will-be-the-worlds-third-largest-economy-by-2029-sbi-report/">आर्थिक

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